मुख्य चयनकर्ता की दौड़ में ये नाम शामिल
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सीनियर पुरुष चयन समिति में खाली पद को भरने की प्रक्रिया अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर की दावेदारी ने इस दौड़ को नया मोड़ दे दिया है। जाफर उन पूर्व खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनका क्रिकेट सलाहकार समिति ने वर्चुअल इंटरव्यू लिया है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार, पूर्व तेज गेंदबाज सलिल अंकोला और बड़ौदा के पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन व कॉनर विलियम्स के नाम भी सामने आए हैं। इस बीच, इस पद के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे पार्थिव पटेल ने आवेदन नहीं किया। अब क्रिकेट सलाहकार समिति को पांचवें चयनकर्ता के नाम पर अंतिम फैसला करना है।
अगरकर
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क्यों खाली हुआ चयन समिति का पद?
- सीनियर पुरुष चयन समिति में यह पद अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता पद से हटने के बाद खाली हुआ।
- इसके बाद बीसीसीआई ने नए चयनकर्ता की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए।
- फिलहाल पूर्व भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर चयन समिति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- नए सदस्य की नियुक्ति सिर्फ चयन समिति में एक खाली जगह भरने तक सीमित नहीं है।
- इसका असर समिति के नेतृत्व पर भी पड़ सकता है, क्योंकि बीसीसीआई के संविधान में मुख्य चयनकर्ता चुनने के लिए टेस्ट मैचों में खेलने के अनुभव को महत्व दिया गया है।
कैसे चुना जाता है मुख्य चयनकर्ता?
बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक, पांच सदस्यीय चयन समिति में जिस चयनकर्ता ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले होते हैं, उसे समिति का अध्यक्ष बनाया जाता है। इसी नियम के कारण वसीम जाफर की दावेदारी अहम मानी जा रही है।जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले हैं, जबकि प्रज्ञान ओझा के नाम 24 टेस्ट मैच हैं। ऐसे में अगर जाफर चयन समिति के सदस्य नियुक्त होते हैं, तो टेस्ट मैचों के अनुभव के आधार पर वह ओझा से आगे होंगे। हालांकि, अंतिम नियुक्ति और समिति के नेतृत्व को लेकर फैसला बीसीसीआई की प्रक्रिया के तहत ही होगा।
वसीम जाफर
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वसीम जाफर का क्रिकेट करियर कैसा रहा है?
वसीम जाफर भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 19 हजार से अधिक रन बनाए हैं। वह मुंबई और विदर्भ की ओर से खेलते हुए रणजी ट्रॉफी में भी अहम योगदान दे चुके हैं। जाफर का अनुभव सिर्फ खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा है। वह आईपीएल में कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा भारत और बांग्लादेश की अंडर-19 टीमों के साथ भी काम कर चुके हैं। वह विदर्भ के सलाहकार रहे हैं और 2026-27 के घरेलू सत्र में हैदराबाद टीम के मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट का लंबा अनुभव और कोचिंग से जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है।
रमेश पोवार
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रमेश पोवार और सलिल अंकोला भी दौड़ में
वसीम जाफर के अलावा रमेश पोवार और सलिल अंकोला भी सीनियर चयन समिति के खाली पद के लिए इंटरव्यू देने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं।
- रमेश पोवार: पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले हैं। वह दो अलग-अलग कार्यकाल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। इससे पहले उन्हें जूनियर पुरुष चयन समिति के प्रमुख पद की दौड़ में आगे माना जा रहा था।
- सलिल अंकोला: मुंबई के पूर्व तेज गेंदबाज अंकोला ने भारत के लिए एक टेस्ट और 20 वनडे मैच खेले हैं। वह जनवरी 2023 से अगस्त 2024 तक राष्ट्रीय चयनकर्ता रहे थे। बाद में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उनकी जगह अजय रात्रा को शामिल किया गया था। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स के नाम भी इंटरव्यू की प्रक्रिया में शामिल बताए गए हैं। मार्टिन भारत के लिए 10 वनडे मैच खेल चुके हैं।
जूनियर चयन समिति में भी बदल सकते हैं समीकरण
सीनियर चयन समिति की नियुक्ति का असर जूनियर पुरुष चयन समिति पर भी पड़ सकता है। रमेश पोवार को पहले जूनियर चयन समिति के शीर्ष पद के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। लेकिन यदि उन्हें सीनियर चयन समिति में जगह मिलती है, तो जूनियर पैनल के लिए दूसरे नामों पर विचार किया जा सकता है। इस स्थिति में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज डोड्डा गणेश और अर्जुन यादव के नाम जूनियर चयन समिति में शामिल किए जाने की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
शुभमन गिल-गौतम गंभीर
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2027 वनडे विश्व कप से पहले क्यों अहम है यह नियुक्ति?
- भारतीय टीम के लिए 2027 में होने वाला वनडे विश्व कप एक बड़ा लक्ष्य है। ऐसे में चयन समिति में खाली पद को भरना और उसके नेतृत्व को स्पष्ट करना बीसीसीआई के लिए महत्वपूर्ण होगा।
- चयनकर्ताओं को आने वाले समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, टीम संयोजन, युवा प्रतिभाओं को अवसर देने और बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों से जुड़े फैसले लेने होंगे।
- नए चयनकर्ता की नियुक्ति के साथ समिति के नेतृत्व में बदलाव होता है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।
- फिलहाल क्रिकेट सलाहकार समिति पांचवें सीनियर चयनकर्ता के नाम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। वसीम जाफर की एंट्री ने इस दौड़ को दिलचस्प बना दिया है।
- अब देखना होगा कि बीसीसीआई किस नाम पर मुहर लगाता है और चयन समिति की कमान किसके हाथों में जाती है।