वाशिंगटन ने गाबा में पहली पारी में 62 रन बनाकर भारत को मैच में बनाए रखा और फिर दूसरी पारी में 22 रन की तेजतर्रार पारी खेली जिसमें पैट कमिंस पर लगाया गया छक्का भी शामिल है, इसके अलावा उन्होंने चार विकेट भी लिए। उन्होंने कहा, 'रवि सर ने हमें खेल के अपने दिनों की प्रेरणादायी बातें बताई। जैसे कि कैसे उन्होंने विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर पदार्पण किया तथा चार विकेट लिए और न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मैच में दसवें नंबर पर बल्लेबाजी की।'
वाशिंगटन ने कहा, 'और वहां से वह कैसे टेस्ट सलामी बल्लेबाज बने और उन्होंने कैसे अपने जमाने के सभी शीर्ष तेज गेंदबाजों का सामना किया। मैं भी उनकी तरह टेस्ट मैचों में पारी की शुरुआत करना पसंद करूंगा।' उनका मानना है कि टेस्ट टीम में आए किसी युवा खिलाड़ी के लिए किसी बाहरी खिलाड़ी से प्रेरणा लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारतीय ड्रेसिंग रूम में ही कई आदर्श खिलाड़ी हैं।
वाशिंगटन ने कहा, 'एक युवा होने के नाते जब मैं किसी से प्रेरणा लेना चाहता हूं तो मुझे अपने ड्रेसिंग रूम में ही इतने अधिक आदर्श खिलाड़ी मिल जाते हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, आर अश्विन जैसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी वहां हैं। ये खिलाड़ी हमेशा आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं।'
वाशिंगटन को सीमित ओवरों की श्रृंखला समाप्त होने के बाद नेट गेंदबाज के रूप में ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए कहा गया। इससे उन्हें लाल गेंद से नेट पर काफी गेंदबाजी करने को मिली। भारत की तरफ से एक टेस्ट के अलावा 26 टी-20 और एक वन-डे खेलने वाले वाशिंगटन ने कहा, 'इससे निश्चित तौर पर मुझे मदद मिली क्योंकि मुझे टेस्ट मैचों के लिए टीम में बने रहने के लिए कहा गया था, लेकिन वह हमारे गेंदबाजी कोच भरत अरुण सर सहित सभी कोचों की रणनीति थी जिससे मदद मिली।'