भारतीय टीम के ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट की पहली पारी में शतकीय पारी खेलने वाले नीतीश रेड्डी को जमकर सराहा। नीतीश और वाशिंगटन ने आठवें विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी कर भारत को मुश्किल से उबारा था। सुंदर ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा कि वह नीतीश को ऐसे व्यक्ति के तौर पर जानते हैं जो मैदान के अंदर और बाहर अपना 120 प्रतिशत देते हैं।
करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ा
नीतीश रेड्डी ने मेलबर्न में जारी बॉक्सिंग डे टेस्ट में 171 गेंद में बोलैंड की गेंद पर चौका लगाकर शतक लगाया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक है। उन्होंने टेस्ट में पहली बार पचास से ज्यादा रन बनाए और उस पारी को शतक में बदल दिया। नीतीश इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में शतक लगाने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बन गए हैं। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और ऋषभ पंत हैं। नीतीश के लिए यह शतक इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता मुतयाला रेड्डी दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। अपने पिता के सामने शतक लगाने के बाद नीतीश भावुक भी हो गए।
सुंदर ने कहा, एक बात तो पक्की है। नीतीश मानसिक रूप से बहुत मजबूत है। मेरा मतलब है कि मैं उसे काफी वर्षों से जानता हूं। आज जिस तरह से उसने पारी खेली है, वह अद्भुत था। एक अविश्वसनीय शतक। इस शतक के बारे में बहुत लंबे समय तक बात की जाएगी और इसे याद रखा जाएगा। बॉक्सिंग डे टेस्ट शतक, मुझे लगता है कि वह इसे हमेशा याद रखेंगे। नीतीश ने सुनिश्चित किया कि वह खेल में उस चरण को चुनें जहां उसे लगता था कि वह कुछ बाउंड्री लगा सकता है। वह इस बात से अवगत था कि स्थिति हमारे लिए कब थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
वाशिंगटन ने सनराइजर्स हैदराबाद में नीतीश को खेलते हुए देखा है और उनकी कार्यनीति से काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, नीतिश के बारे में एक बात यह है कि चाहे वह मैदान पर हो या मैदान के बाहर, वह अपना 120 प्रतिशत देते हैं। यह जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण है, ऐसा नहीं है कि यह केवल क्रिकेट के प्रति है। मैंने उन्हें आईपीएल के दौरान देखा है और साथ ही उनकी काम करने का तरीका भी काफी करीब से देखा है।
पार्टनरशिप को लेकर क्या बोले वाशिंगटन
वाशिंगटन का कहना है कि उनका स्टैंड इस बात पर निर्भर कर रहा था कि मैच की स्थिति कैसी है। उन्होंने कहा, पूरा दिन विभिन्न चरण से गुजरा। जब मैं बल्लेबाजी के लिए उतरा तो चीजें मुश्किल थी और सामने चुनौतीपूर्ण हालात थे। जाहिर है कि शुरू की 20 गेंदें मुझे संभल कर खेलनी थी और इसके बाद से रन बनने लगे।