टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला सिर्फ दिनेश कार्तिक के छक्के की वजह से ही याद नहीं रखा जाएगा बल्कि युवा स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर की धारदार गेंदबाजी के लिए भी याद रखा जाएगा। सुंदर ने इस सीरीज में 20 ओवर फेंके और 114 रन देकर 8 विकेट लेने में कामयाब रहे। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।
इस मैन ऑफ द सीरीज के साथ ही वह अपने नाम एक वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज करा बैठे। सुंदर यह खिताब पाने वाले सबसे युवा गेंदबाज हैं। उनसे पहले यह कीर्तिमान पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वकार यूनुस के नाम था। सुंदर ने यह कारनामा 18 साल 164 दिन की उम्र में किया, जबकि उनसे पहले वाकर 18 साल 169 की उम्र में मैन ऑफ द सीरीज चुने गए थे।
बता दें इन दोनों से पहले यह रिकॉर्ड भारत के नरेंद्र हिरवानी के नाम था। हिरवानी को 1988 के शारजाह कप में 19 साल 166 दिन की उम्र में मैन ऑफ द सीरीज चुना गया था।
फाइनल जीतने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने सुंदर की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, 'सुंदर ने इस सीरीज में टीम के लिए गजब की गेंदबाजी की। खासकर नई बॉल से पावर प्ले में जिस तरह से उनका प्रदर्शन रहा वह शानदार है। हर गेंदबाज पावर प्ले का प्रेशर नहीं झेल पाता है। इसके साथ ही उन्होंने विकेटें भी लिए।'