पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वकार यूनिस ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को लेकर अपनी राय भी रखी है। वकार का मानना है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में बुमराह मौजूदा समय के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अभी काफी कुछ साबित करना बाकी है। वकार यूनिस के मुताबिक, बुमराह ने वनडे और टी20 क्रिकेट में दबाव की परिस्थितियों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनके सीमित अनुभव के कारण वकार उन्हें इस प्रारूप का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज मानने को तैयार नहीं हैं।
जसप्रीत बुमराह
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सफेद गेंद के क्रिकेट में बुमराह का कोई जवाब नहीं
- शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान वकार यूनिस ने कहा कि मौजूदा दौर में सफेद गेंद के क्रिकेट में बुमराह के स्तर का कोई दूसरा गेंदबाज नजर नहीं आता। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनकी तुलना मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों से करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रारूप में कई अन्य गेंदबाज भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- वकार ने कहा, 'सफेद गेंद के क्रिकेट में बुमराह के समान स्तर का कोई आधुनिक गेंदबाज नहीं है। टेस्ट क्रिकेट को अलग रखिए, क्योंकि वहां उन्हें अभी बहुत कुछ साबित करना है। उन्होंने इस प्रारूप में उतना क्रिकेट नहीं खेला है। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे कई गेंदबाज हैं। इंग्लैंड के कुछ गेंदबाजों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'
- उन्होंने आगे कहा कि टी20 और वनडे क्रिकेट में बुमराह का प्रभाव सबसे ज्यादा मायने रखता है। वह मुश्किल परिस्थितियों में हमेशा टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं और यही किसी बड़े खिलाड़ी की पहचान है।
जसप्रीत बुमराह
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पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप में बुमराह के प्रदर्शन को किया याद
वकार यूनिस ने टी20 विश्व कप 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में बुमराह के प्रदर्शन की भी तारीफ की। न्यूयॉर्क में खेले गए इस मैच में बुमराह ने पाकिस्तान के अहम बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को आउट कर मुकाबले का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। भारतीय टीम ने कम स्कोर वाले इस रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज की थी।
वकार ने कहा, 'जब भी कोई भारतीय कप्तान मुश्किल में होता है, तो वह गेंद बुमराह को सौंपता है। न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के पास हारने की कोई वजह नहीं थी। जरूरी रन रेट नियंत्रण में था। बुमराह ने जिस ओवर में रिजवान को आउट किया, वही मुकाबले का निर्णायक पल साबित हुआ।' उन्होंने कहा कि मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी किसी भी टीम के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से टीम के दूसरे सदस्यों को भी बेहतर करने और उनके स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं।
बुमराह और गिल
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चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण कम खेले टेस्ट
जसप्रीत बुमराह का टेस्ट करियर चोटों और वर्कलोड मैनेजमेंट से काफी प्रभावित रहा है। पीठ की समस्या के कारण उन्हें कई बार मैदान से दूर रहना पड़ा है। इसके अलावा, अहम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और सीरीज को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन ने भी कई मौकों पर उनके कार्यभार को नियंत्रित किया है। इसी वजह से बुमराह अपने कई समकालीन तेज गेंदबाजों की तुलना में कम टेस्ट मैच खेल पाए हैं। हालांकि, जब भी उन्हें टेस्ट क्रिकेट में खेलने का मौका मिला है, उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ, अनोखे एक्शन और विकेट लेने की क्षमता से प्रभावित किया है।
जसप्रीत बुमराह
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क्या टेस्ट क्रिकेट में बुमराह को अभी बहुत कुछ साबित करना है?
- वकार यूनिस की टिप्पणी ने टेस्ट क्रिकेट में बुमराह की जगह को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर यह सही है कि बुमराह ने मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों की तुलना में कम टेस्ट मैच खेले हैं। दूसरी ओर, कम मैच खेलने के बावजूद उनका प्रदर्शन उनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
- बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसी अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख बदला है। उनकी गेंदबाजी में गति, उछाल, सटीकता और मुश्किल समय में विकेट निकालने की क्षमता का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है।
- ऐसे में वकार यूनिस की यह बात कि बुमराह को टेस्ट क्रिकेट में अभी बहुत कुछ साबित करना है, उनके सीमित टेस्ट अनुभव के संदर्भ में देखी जा सकती है। हालांकि, उनके प्रदर्शन और मैच जिताने की क्षमता को देखते हुए उन्हें टेस्ट क्रिकेट के शीर्ष गेंदबाजों में शामिल करने से इनकार करना भी आसान नहीं है।