क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग अब मनोरंजन की दुनिया में एक नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। सहवाग रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' को होस्ट करते नजर आएंगे। शो में क्रिकेट की तरह गेंद और बल्ले का खेल नहीं होगा, बल्कि अलग-अलग सोच और स्वभाव वाले कंटेस्टेंट्स के बीच रणनीति और मनोविज्ञान की परीक्षा होगी। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सहवाग ने बताया कि क्रिकेट में करीब 20 साल तक अलग-अलग तरह के खिलाड़ियों और लोगों के साथ काम करने का उनका अनुभव इस शो की होस्टिंग में काफी मददगार साबित होगा।
पहले होस्ट करने से कर दिया था इनकार
- सहवाग ने बताया कि जब उन्हें पहली बार शो होस्ट करने का ऑफर मिला था, तो उन्होंने इसे करने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि वह इस तरह का शो होस्ट नहीं कर सकते। हालांकि, दूसरी मुलाकात में मेकर्स ने उन्हें शो के कुछ क्लिप दिखाए और समझाया कि उन्हें किसी दूसरे होस्ट की नकल करने की जरूरत नहीं है।
- सहवाग के मुताबिक, मेकर्स ने उनसे कहा कि उन्हें क्रिकेट के मैदान की तरह अपने स्वाभाविक अंदाज में ही रहना है। साथ ही रिकॉर्डिंग के दौरान पूरी टीम के सहयोग का भरोसा भी दिया गया। यही बात उन्हें पसंद आई और उन्होंने शो के लिए हामी भर दी।
'अमीर और गरीब' का कॉन्सेप्ट आया पसंद
सहवाग ने कहा कि उन्हें शो का अमीर और गरीब वाला कॉन्सेप्ट सबसे दिलचस्प लगा। उन्होंने बताया कि क्रिकेट कमेंट्री के दौरान भी वह अक्सर अलग-अलग टीमों और खिलाड़ियों के बीच के अंतर पर बात करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खेल और मनोरंजन दो अलग-अलग क्षेत्र हैं, लेकिन लोगों को समझने का अनुभव दोनों जगह काम आता है। सहवाग के मुताबिक, अगर वह शो को अपने अंदाज में होस्ट करेंगे तो दर्शकों को भी कुछ अलग देखने को मिल सकता है।
20 साल के क्रिकेट करियर का अनुभव आएगा काम
सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि मैदान पर हर परिस्थिति में एक ही तरह से खेलना संभव नहीं होता। उन्होंने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में कई बार टीम को बचाने के लिए डिफेंस करना पड़ता था, जबकि वनडे में भी परिस्थितियों के मुताबिक पारी की रफ्तार धीमी करनी पड़ती थी।
उनके मुताबिक, इंसानों के साथ व्यवहार में भी कुछ ऐसा ही है। हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है। कोई गुस्से वाला होता है, कोई शांत रहता है, कोई प्यार से बात करता है तो कोई आक्रामक तरीके से पेश आता है। ऐसे में सामने वाले व्यक्ति को समझकर उसके हिसाब से व्यवहार करना जरूरी है।
कंटेस्टेंट्स को समझने के लिए अपनाएंगे मनोविज्ञान का फॉर्मूला
सहवाग ने 'राइज एंड फॉल' को एक तरह का मनोविज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम में रहते हुए अलग-अलग खिलाड़ियों की सोच और व्यवहार को समझने का अनुभव उन्हें रहा है और यही अनुभव अब शो के कंटेस्टेंट्स के साथ काम आएगा। उन्होंने कहा कि वह कंटेस्टेंट्स के व्यवहार को देखकर यह समझने की कोशिश करेंगे कि किस व्यक्ति से किस तरह बात करनी है और अलग-अलग परिस्थितियों में कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए।
पहले प्यार से समझाएंगे, जरूरत पड़ी तो डांट भी लगाएंगे
शो में अपने होस्टिंग अंदाज को लेकर सहवाग ने कहा कि वह शुरुआत में कंटेस्टेंट्स को प्यार से समझाने की कोशिश करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें डांट भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसी कोई स्क्रिप्ट नहीं होगी, जिसे उन्हें रटकर कैमरे के सामने बोलना पड़े। वह सामने मौजूद व्यक्ति और परिस्थिति के हिसाब से अपनी बात रखेंगे।
नियम तोड़ने पर सख्ती का भी विकल्प
सहवाग के अनुसार, शो में कंटेस्टेंट्स को तय नियमों और सीमाओं का पालन करना होगा। उन्हें टास्क को समझना होगा और एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज या बेवजह लड़ाई से बचना होगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई कंटेस्टेंट बार-बार समझाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे शो से बाहर भेजने का अधिकार होस्ट के पास होगा। सहवाग ने कहा कि वह पहले एक-दो मौके जरूर देंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर सख्ती भी बरतेंगे।
रियलिटी शोज के बढ़ते ट्रेंड पर भी बोले सहवाग
रियलिटी शोज की बढ़ती लोकप्रियता पर सहवाग ने कहा कि इस सवाल का बेहतर जवाब शो के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और चैनल ही दे सकते हैं, क्योंकि उन्होंने खुद बहुत ज्यादा रियलिटी शो नहीं देखे हैं। उन्होंने बताया कि वह ज्यादातर सिंगिंग और डांसिंग शोज देखते हैं और बतौर गेस्ट उनमें हिस्सा भी ले चुके हैं। सहवाग के मुताबिक, मनोरंजन की दुनिया में भी समय के साथ कुछ कॉन्सेप्ट ट्रेंड बन जाते हैं और फिर दूसरे लोग भी उसी तरह के विचारों पर काम करने लगते हैं।