भारतीय टीम के साथ दो विश्व कप जीतने वाले वीरेंद्र सहवाग की बल्लेबाजी का हर कोई दीवाना है। अपने करियर में उन्होंने दुनिया के कई दिग्गज गेंदबाजों को छक्के छुड़ाए थे। पहली गेंद से आक्रमण करने की कला ने सहवाग को खास बनाया था। अब उनकी इसी कला को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी बेटे आर्यवीर सहवाग पर है। आर्यवीर को भी क्रिकेट पसंद है और वह भी पिता की तरह विस्फोटक बल्लेबाजी करते हैं।
आर्यवीर ने अपने करियर में आगे बढ़ते हुए एक और सफलता हासिल की है। उनका बीसीसीआई द्वारा आयोजित अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए दिल्ली की टीम में हुआ है। 15 साल के आर्यवीर दुनिया को अपनी बल्लेबाजी दिखाने के लिए तैयार हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बल्लेबाजी के कई वीडियो हैं। वह पिता की तरह ही स्टांस लेते हैं। उन्हें भी तेजी से बल्लेबाजी करना पसंद है।
दिल्ली की अंडर-16 टीम बिहार के सामने हुई, लेकिन प्लेइंग-11 में आर्यवीर को नहीं चुना गया। उन्हें खेलने का मौका भले ही नहीं मिला, लेकिन बड़े स्तर पर उनकी एंट्री जरूर हो गई है। उन्हें अगर खेलने का मौका मिलता है तो वह प्रभावित कर सकते हैं। सहवाग ने अपने करियर में कई गेंदबाजों की दुनिया की। उन्होंने 104 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान करीब 50 की औसत से 8586 रन बनाए। सहवाग ने 251 वनडे मैचों में करीब 35 की औसत से 8273 रन बनाए। अब देखना है कि उनका बेटा कहां तक आगे बढ़ता है।
अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए दिल्ली की टीम:
आर्नव बग्गा (कप्तान), सार्थक रे, प्रणव, सचिन, अनिंदो, श्रेय सेठी (विकेटकीपर), प्रियांशु, लक्ष्मण, उद्धव मोहन, ध्रुव, किरित कौशिक, नैतिक माथुर, शांतनु यादव, मोहक कुमार, आर्यवीर सहवाग।