भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की तरह उनके बेटे आर्यवीर भी अब अपने पिता की राह पर निकल पड़े हैं। वह वीरू की तरह तेजी से रन बनाना पसंद करते हैं। इसका मुजायरा उन्होंने गुरुवार को मेघालय के खिलाफ मैच में पेश किया। दिल्ली के लिए खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने दोहरा शतक जड़ दिया। उन्होंने 229 गेंदों पर 200 रन की पारी खेली। इस दौरान आर्यवीर ने 34 चौके और दो छक्के लगाए।
दिल्ली का दमदार जवाब
कूच बिहार ट्रॉफी के मुकाबले में मेघालय के खिलाफ आर्यवीर का बल्ला जमकर गरजा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेघालय ने पहली पारी में मेघालय की टीम 260 रन पर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के लिए उधव मोहन ने सर्वाधिक चार विकेट चटकाए। जवाब में 16 वर्षीय आर्यवीर की बदौलत दिल्ली ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट पर 468 रन बनाए और 208 रन की बढ़त हासिल की। उनके अलावा टीम के अन्य सलामी बल्लेबाज अर्नव एस बग्गा ने भी शतक जड़ा। पहले विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों के बीच 180 रनों की साझेदारी हुई। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आर्यवीर 200* और धान्या नाकरा 98* रन बनाकर नाबाद रहे।
पहले भी कर चुके ऐसा कारनामा
आर्यवीर सहवाग ने अक्तूबर में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में डेब्यू किया था। इस दौरान उन्होंने मणिपुर के खिलाफ 49 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को छह विकेट से जीत दिलाने का कारनामा किया था।
सहवाग ने की थी बेटे की तारीफ
सहवाग ने पिछले साल खुलासा किया था कि उनके बेटे आर्यवीर पहले से ही आईपीएल अनुबंध हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। स्टार स्पोर्ट्स पर दिग्गज क्रिकेटर ने कहा था कि, "मेरा बेटा 15 साल का है और आईपीएल में खेलने का मौका पाने के लिए पहले से ही कड़ी मेहनत कर रहा है। आईपीएल ने युवा प्रतिभाओं को सबसे अधिक लाभ पहुंचाया है। पहले रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन से किसी का ध्यान नहीं जाता था और इसलिए वे भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाते थे। लेकिन अब यदि आप आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और अपनी प्रतिभा दिखाते हैं, तो आपको तुरंत भारतीय टीम के लिए खेलने का अवसर मिलता है। आईपीएल की वजह से देश के छोटे राज्यों के बहुत से बच्चे क्रिकेट को गंभीरता से लेने लगे हैं और आईपीएल में भाग लेने और इसके लिए कड़ी मेहनत करने की पूरी कोशिश करते हैं।