भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों का खंडन किया है। इससे पहले
समाचार न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से खबर आई थी कि वीरेंद्र सहवाग ने
संन्यास ले लिया है। इस समय वीरेंद्र सहवाग दुबई में हैं।
भारतीय क्रिकेट के सबसे विध्वंसक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने संकेत दिया है वह जल्द अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं। दरअसल टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज ‘वीरू’ को अगले साल होने वाली मास्टर्स चैंपियंस लीग 20-20 में हिस्सा लेना है जिसमें केवल रिटायर्ड क्रिकेटरों को ही भाग लेना है।
सोमवार को उनसे यहां एक कार्यक्रम में पूछा गया कि वह एमसीएल में कैसे खेलेंगे क्योंकि इस लीग में तो रिटायर्ड क्रिकेटर खेल रहे हैं तो उन्होंने कहा कि यदि रिटायर्ड नहीं हुआ तो नहीं खेलूंगा। भारत जाऊंगा और वहां जाकर संन्यास लेने की घोषणा करूंगा। फरवरी में होने वाली मास्टर्स चैंपियंस लीग में ब्रायन लारा, ग्रीम स्मिथ और अजहर महमूद जैसे पूर्व क्रिकेटर हिस्सा ले रहे हैं।
माना जा रहा है कि सहवाग वेटरंस लीग एमसीएल में शामिल होने से पहले फरवरी तक हरियाणा की अपनी रणजी टीम की प्रतिबद्धताएं पूरी कर लेंगे और उसके बाद संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। सहवाग ने लगभग 12 साल के अपने कैरियर में 104 टेस्ट मैचों में 49.34 की औसत से 8586 रन बनाए हैं। इसमें 23 शतक और 32 अर्द्धशतकीय पारियां शामिल हैं।
दो तिहरे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
सहवाग भारत की ओर से टेस्ट मैच में तिहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में 319 रनों की पारी खेली थी। उसके बाद से वह ‘मुल्तान के सुल्तान’ के रूप में लोकप्रिय भी हो गए। दरअसल टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम दो तिहरे शतक दर्ज है। उन्होंने अपना दूसरा तिहरा शतक (309) दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाया था। वनडे में उन्होंने 251 मैचों में 35.05 की औसत से 8273 रन बनाए। इसमें 15 शतक और 38 अर्द्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा 19 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में उन्होंने 394 रन बनाए हैं।
दो विश्व कप जिताने में अहम भूमिका
वह भारत की दो विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। वह 2007 में दक्षिण अफ्रीका में टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे और उसके बाद भारत में 2011 में अपनी मेजबानी में वनडे विश्व चैंपियन बनी भारतीय टीम के अहम सदस्य थे। दोनों विश्व कप जीत में इस ओपनर बल्लेबाज की अहम भूमिका रही।
संन्यास को लेकर बनी रही भम्र की स्थिति
सहवाग कितने बड़े बल्लेबाज हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके संन्यास के संबंध में एक इशारे के बाद जैसे विश्व क्रिकेट में हलचल मच गई। बिजली की गति से खबर दौड़ी और तमाम चैनलों और अन्य स्रोतों से खबर फ्लैश होनी शुरू हो गई। पूर्व क्रिकेटरों ने संन्यास के समय लेकर अचरज जताया। खासकर तब जब अगले दिन उनका जन्मदिन है और तो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी ट्विटर पर सहवाग की तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए लेकिन उड़ते-उड़ते या शायद शुभचिंतकों के जरिए जब यह बात सहवाग तक पहुंची थी तो उन्होंने अपने स्रोतों से इस बात को स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है।
वीरेंद्र सहवाग मौजूदा समय में हरियाणा की टीम की तरफ से रणजी मैच खेल रहे हैं। वीरेंद्र सहवाग को उनकी विस्फोटक पारियों के लिए याद किया जाता है।
वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान भी कहा जाता है। वीरेंद्र सहवाग ने वर्ष 3 नवंबर, 2001 में अपना पहला टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ओवल में खेला था। वहीं अंतिम टेस्ट मैच आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 मार्च,2013 को खेला।