भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच मोहाली में खेला जा रहा है। यह विराट कोहली के करियर का सौवां टेस्ट मैच है। विराट 100 टेस्ट खेलने वाले 12वें भारतीय खिलाड़ी हैं। उनका करियर अब तक कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है। भारतीय जमीन पर कमाल करने वाले विराट ने इंग्लैंड दौरे पर संघर्ष किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में जमकर रन बनाए। इसके बाद उन्होंने अपनी तकनीक बदली और इंग्लैंड में जाकर भी कमाल किया। अब एक बार फिर विराट बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
विराट नवंबर 2019 के बाद कोई शतक नहीं लगा पाए। इसके बावजूद उनका औसत 40 के करीब है, जो कि खराब नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह विराट के करियर का सबसे खराब दौर है। यहां हम विराट के करियर को चार भागों में बांटकर दिखा रहे हैं। देखिए कैसे दिल्ली का एक युवा लड़का भारतीय टीम में आया और अगले 10 सालों में पूरी दुनिया उसे किंग कोहली के नाम से जानने लगी। अब किंग कोहली को भी शतकों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
पहले 25 मैचों में विराट का रिकॉर्ड
वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले विराट कोहली का शुरुआती रिकॉर्ड अच्छा था, लेकिन इन 25 मैचों में कोहली ऐसा कुछ नहीं दिखाया था कि उन्हें सदी का सबसे महान बल्लेबाज कहा जाए। विराट ने अपने शुरुआती 25 टेस्ट मैचों में 43 पारियां खेली थी और 44.35 के औसत से 1730 रन बनाए थे। इसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। इस समय विराट वनडे क्रिकेट में कमाल कर रहे थे और ऐसा माना जा रहा था कि टेस्ट क्रिकेट में उनके लिए वनडे जैसा दबदबा कायम करना मुश्किल होगा।
दूसरे 25 मैचों में विराट का रिकॉर्ड
विराट ने अपने करियर के दूसरे 25 मैच (26-50) में यह साबित कर दिया कि उनके अंदर सीखने की क्षमता कितनी बेहतर है और वे लंबी रेस के घोड़े हैं। 26 से 50 मैचों में उन्होंने 43 पारियों में 51.45 के औसत से 2161 रन बनाए। इस दौरान टेस्ट में भी उनके बल्ले से आठ शतक और चार अर्धशतक निकले। अब टेस्ट में भी खास बल्लेबाज की पहचान मिल चुकी थी और टेस्ट टीम की कमान भी उनके हाथों में आ गई थी। इसके बाद से उनके टेस्ट करियर का स्वर्णिम दौर शुरु हुआ। यह भारतीय क्रिकेट का भी स्वर्णिम दौर था।
तीसरे 25 मैचों में विराट का रिकॉर्ड
अपने टेस्ट करियर के तीसरे 25 मैच (51-75) में विराट ने पूरी दुनिया में राज किया। भारतीय टीम के कप्तानी करते हुए उन्होंने विदेशों में जाकर मैच जीते और कई रिकॉर्ड बनाए। भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी मजबूत हुई और भारत ने विदेशों में जाकर टेस्ट मैच और टेस्ट सीरीज जीतना सीखा। इस दौरान उन्होंने बल्ले के साथ कमाल किया। 42 पारियों में विराट ने 67.10 के औसत से 2617 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 11 शतक और छह अर्धशतक निकले। इस दौरान अपने 64 फीसदी अर्धशतकों को शतक में तब्दील किया।
आखिरी 24 मैचों में विराट का रिकॉर्ड
विश्व क्रिकेट में राज करने के बाद विराट अपने करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने नवंबर 2019 के बाद से कोई शतक नहीं लगाया है। इस दौरान उनका औसत भी कम हुआ है और तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी भी उनके हाथ से जा चुकी है। अधिकतर मौकों पर वे ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर आउट हो रहे हैं। अपने करियर के आखिरी 24 मैचों (76-99) में विराट ने 40 पारियां खेली हैं और 38.26 के औसत से 1454 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ दो शतक निकले हैं। वहीं नौ बार उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली है।
अब उम्मीद की जा रही है कि कप्तानी का दबाव जाने के बाद विराट खुलकर खेल पाएंगे और उनके प्रदर्शन में निखार आएगा। टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद विराट पहली बार सफेद कपड़ों में कोई मैच खेलने उतरे हैं। विराट के 100वें टेस्ट में उनसे 71वें अंतरराष्ट्रीय शतक की उम्मीद की जा रही है।