भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने टेनिस खिलाड़ियों की तुलना भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले से की है। कोहली का कहना है कि टेनिस खिलाड़ी हर सप्ताह उसी तरह के दबाव से गुजरते है जिसकी तुलना क्रिकेट में विश्व कप के नॉकआउट और भारत-पाकिस्तान के बीच मैच से की जा सकती है। कोहली हाल ही में वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन का मुकाबला देखने पहुंचे थे।
कोहली बोले- टेनिस खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करता हूं
कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट प्रारूप से संन्यास ले लिया है और अब वह भारत के लिए वनडे में ही खेलते हैं। भारतीय टीम भी इंग्लैंड दौरे पर है, लेकिन कोहली इन दिनों अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने एक स्पोर्ट्स चैनल पर कहा, मुझे लगता है दोनों खेलों में यह अनुभवी (दबाव की स्थितियों में) एक जैसा हो सकता है। हम टेनिस खिलाड़ियों के जैसे दबाव का सामना भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप मैच में या विश्व कप के सेमीफाइनल या फाइनल में महसूस करते है। ये खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल से फाइनल तक बहुत अधिक दबाव का सामना करते है। मैं टेनिस खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करता हूं, क्योंकि वे धैर्य के साथ खेलते हैं और अपनी फिटनेस और मानसिक मजबूती को बनाए रखते हैं।
कोहली ने कहा कि मैच के लगातार बदलते स्वरूप के कारण क्रिकेटरों को मैदान पर अपनी-अपनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, अलग-अलग खेलों की अलग-अलग चुनौतियां होती हैं। क्रिकेट में एक चुनौती यह है कि आपको लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। आप सुबह अभ्यास करते हैं और फिर वापस आकर ड्रेसिंग रूम में इंतजार करते हैं क्योंकि आपको नहीं पता होता कि आप कब बल्लेबाजी करने वाले हैं। टेनिस में शायद परिस्थितियों का बेहतर आभास होता है। आपको पता होता है कि आप किस स्थिति में जा रहे हैं।
कोहली का मानना है कि क्रिकेट में टेनिस के मुकाबले वापसी का कम मौका मिलता है। उन्होंने कहा, क्रिकेट में बल्लेबाजी से जुड़ी एक और चुनौती यह है कि आपको सिर्फ एक मौका मिलता है। आपके पास वापसी करने के ज्यादा मौके नहीं होते हैं। आप एक गलती करते हैं और बाकी दिन आप बल्लेबाजी नहीं कर पाएंगे। लेकिन टेनिस में खिलाड़ी दो सेट गंवाने के बाद भी वापसी कर जीत सकते हैं।