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नहीं माने विराट कोहली, बांग्लादेश जाने से पहले फिर मारी 'दहाड़'

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विराट कोहली जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं उसी अंदाज में बयानबाजी भी। उनके इस जोशीले अंदाज पर कई पूर्व खिलाड़ियों ने नसीहत दी कि अपने इस अंदाज को वह काबू में रखने की कोशिश करें लेकिन टेस्ट टीम का यह नया कप्तान है कि सुधरने का नाम ही नहीं लेता।
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नई सोच और नए तरीकों से तैयार भारतीय टेस्ट कप्तान कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ भी बिगुल फूंक दिया है। कोहली ने बांग्लादेश दौरे पर रवाना होने से पहले ऐलान किया कि अब सीखने के दिन खत्म हो गए हैं और वक्त कुछ हासिल करने का है।

भारतीय टीम को इस दौरे पर उनकी कप्तानी में एकमात्र टेस्ट खेलना है, जबकि 3 वनडे मैचों की सीरीज में टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में होगी। कोहली ने कहा कि हमने काफी कुछ सीख लिया है और मुझे नहीं लगता कि हमें कुछ सीखने की मानसिकता के साथ खेलने की जरूरत है।
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उन्होंने आगे कहा, "निश्चित रूप से हम सतत सीखते रहते हैं। यहां तक कि टीवी पर देखकर भी कई चीजें सीखते हैं। मगर अब हम सभी जानते हैं कि हमें एक इकाई के तौर पर क्या हासिल करना है। इसीलिए बजाय इसके कि हम यह सोचें कि हम इस मैच से क्या सीख सकते हैं, मैं लक्ष्य को हासिल करना पसंद करूंगा।"

नई पारी को लेकर उत्साहित विराट ने यह भी कहा

टीम की तैयारियों को लेकर टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने कहा कि सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं और एक नई शुरुआत के लिए उत्साहित भी। मैं भी टीम की अगुआई करने को लेकर रोमांचित हूं।

इस संक्षिप्त दौरे से उनकी खुद की क्या अपेक्षाएं हैं, यह पूछे जाने पर कोहली ने कहा कि मैं पहले भी टीम की कप्तानी कर चुका हैं। एक निश्चित स्तर पर आप टीम की कमान संभालते हुए कई चीजें सीखते हैं। तुलना करें तो टेस्ट क्रिकेट वनडे और टी-20 से बिल्कुल अलग है। इसीलिए आपको दिन भर की रणनीति बनाने पर ध्यान देना होता है।

कोहली ने आगे कहा, मैंने ऑस्ट्रेलिया में टीम की कप्तानी करते हुए कई सबक सीखे हैं। टीम योग्य और कुशल है और मैं इस निरंतरता को कायम रखना चाहता हूं। आप अपनी गलतियों से क्या सबक लेते हैं, इस बात पर काफी कुछ निर्भर करता है।

ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर पूछे गए सवाल पर कोहली ने कहा कि हम इस तरह का माहौल बनाना चाहते हैं जहां हर खिलाड़ी अपनी क्षमताओं को लेकर आत्मविश्वास से भरा हो। मेरा मानना है कि ऐसा माहौल होना चाहिए जहां खिलाड़ी हर दिन खुद में सुधार करना चाहते हों। जहां हर कोई अपनी बात बेझिझक रखने के लिए आजादी महसूस करे।
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शास्‍त्री बोले, उम्मीद से अधिक रह सकता हूं टीम डायरेक्टर

भारतीय टीम को और किसी कोच की जरूरत नहीं होने की बात कहने के साथ ही पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि वह उम्मीद से अधिक लंबे वक्त तक के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के डायरेक्टर बने रह सकते हैं।

बांग्लादेश दौरे पर रवाना होने से पहले रविवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में रवि ने भारतीय टीम की कोच की जरूरत पर कहा कि हमारे पास पहले से ही तीन-तीन कोच हैं और हमें एक और कोच की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर मैं मुख्य कोच की भूमिका निभा सकता हूं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम डंकन फ्लेचर का कार्यकाल खत्म होने के बाद मुख्य कोच की कमी महसूस कर रही है, शास्त्री ने कहा कि अनुमान लगाना आपकी समस्या है, मेरी नहीं। जहां तक बात कोच की है तो टीम को उसकी जरूरत नहीं है।

टीम डायरेक्टर के पद पर लंबे समय तक बने रहने की संभावना के बारे में शास्त्री बोले, जब हम बांग्लादेश दौरे से वापस आएंगे उसके बाद मैं बीसीसीआई से इस बारे में बात करूंगा और तभी कोई निर्णय लूंगा। मैं किसी भी बात से इंकार नहीं कर रहा हूं। हो सकता है कि मैं उम्मीद से अधिक वक्त के लिए इस पद पर बना रहूं।
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