भारतीय कप्तान विराट कोहली ने खुद को ‘नए भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला’ करार दिया जो पूरी उम्मीदों के साथ नई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। कोहली ने ग्रेग चैपल की इस टिप्पणी के संदर्भ में यह बात कही जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ‘गैर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों में सबसे अधिक ऑस्ट्रलियाई (मानसिकता वाला खिलाड़ी) है।’
कोहली ने कहा, ‘मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि यह मेरी अपनी शैली है। जिस तरह से मेरा व्यक्तित्व और चरित्र है। मैं नए भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं इसे इस तरह से देखता हूं। मेरे दिमाग में ऑस्ट्रेलियाई मानसिकता या इस तरह की तुलना की बात नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट टीम को आगे बढ़ाने से जुड़ा है और पहले दिन से मेरा व्यक्तित्व ऐसा रहा है। नया भारत चुनौतियां स्वीकार करता है और उसमें आशा और सकारात्मकता भरता है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हम अपने सामने आने वाली किसी भी तरह की चुनौतियों के लिए तैयार हैं।’
छींटाकशी व्यर्थ चीज : कोहली
कोरोना महामारी ने लोगों को अलग-अलग चीजें सिखाई हैं। कोहली को इसने महसूस कराया कि छींटाकशी कितनी व्यर्थ चीज है। उन्होंने वादा किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान ‘गैर जरूरी चीजों को बाहर कर दिया जाएगा।’ कोहली ने कहा, ‘मुझे लगता है कि महामारी के कारण इस साल लोगों ने बहुत सारी चीजें महसूस की हैं, जिनकी पहले शायद जरूरत नहीं पड़ी होगी। इसमें आपके मन में शिकायत रहती है या फिर टीमों या व्यक्तियों के बीच गैर जरूरी तनाव होता हो जो पूरी तरह से व्यर्थ है।’
कोहली को हालांकि लगता है कि अगर कोई आक्रामक होता है तो किसी को व्यक्तिगत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा,‘आप फिर भी पेशेवर हो और सुनिश्चित कीजिए कि आप सकारात्मक रहो और अपने शारीरिक हावभाव व मैदान में आप कैसी चीज करते हो, उसमें आक्रामक रहो। लेकिन मुझे नहीं लगता कि चीजें उस तरह से व्यक्तिगत होंगी जैसे पहले हुआ करती थीं क्योंकि हम सभी समझते हैं कि हम बड़े उद्देश्य में योगदान दे रहे हैं। और अंत में गैर जरूरी चीजों को मैं खुद ही बाहर कर दूंगा।’
पर पेन का परहेज नहीं : ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन का कहना है कि अगर मैच के दौरान छींटाकशी की जरूरत पड़ती है तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, ‘हां, देखिए, जहां तक मैदान के अंदर की बात है तो हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा। आप निश्चित रूप से योजना बनाकर नहीं जा सकते या फिर अतिरिक्त आक्रामक या ऐसा कुछ नहीं कर सकते। हम मैदान पर जाकर अपनी योजना के अनुसार चलने की कोशिश करते हैं।’ लेकिन पेन ने स्वीकार किया कि कभी कभार मैदान पर चीजें आक्रामक हो जाती हैं। अगर ऐसा होता है तो उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि यह टीम पीछे कदम नहीं करेगी।’
रहाणे अच्छी तरह निभाएगा जिम्मेदारी : कोहली ने अजिंक्य रहाणे का समर्थन करते हुए कहा कि वह टीम की अगुवाई करने की जिम्मेदारी शानदार तरीके से निभाएंगे। पहला टेस्ट खेलने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर वापस भारत आ जाएंगे। कोहली ने कहा कि उनके और रहाणे के बीच रिश्ता ‘भरोसे और आपसी सम्मान’ का रहा है। यह पूछने पर कि उनकी अनुपस्थिति में रहाणे किस तरह का प्रदर्शन करेंगे तो उन्होंने कहा, ‘पहले तो हमारी इतने वर्षों में आपसी समझ बहुत अच्छी है और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं।
हमने एक साथ बल्लेबाजी करते हुए काफी भागीदारियां निभाई हैं। यह एक-दूसरे पर भरोसे और समझ पर बनी हैं कि टीम के लिए क्या करने की जरूरत है। दो अभ्यास मैचों, टूर मैचों में रहाणे ने काफी काम किया है। वह काफी संयमित दिखे और वह हमारी टीम की मजबूती को जानते हैं और हमें क्या करना चाहिए, यह भी। जब तक मैं यहां हूं, मेरा ध्यान कप्तानी और नेतृत्व करने और बतौर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगा है। मेरे जाने के बाद, मुझे पूरा भरोसा है कि रहाणे शानदार काम करेगा। मैं पहले भी कह चुका हूं कि मुझे लगता है कि यह उसका समय है कि वह व्यक्तिगत रूप से और फिर कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन करे।’