ओवल टेस्ट में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों एक पारी और 244 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने अपने टेस्ट इतिहास में सातवीं बार एक पारी और 200 से ज्यादा रनों के अंतर से मैच गंवाया है।
जबकि भारत इन 7 में से 4 बार तो इंग्लैंड के हाथों हारा है।
ओवल टेस्ट में मिली करारी हार टीम इंडिया की अब तक की यह तीसरी सबसे बड़ा हार है। रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार 1958 में मिली थी, जब वेस्ट इंडीज ने भारत को कोलकाता के इडेन गार्डंस में एक पारी और 336 रनों के विशाल अंतर से हराया था। जबकि दूसरी सबसे बड़ी हार 1974 में इंग्लैंड के हाथों मिली थी।
36 साल बाद टीम इंडिया ने लगाई हार की 'हैट्रिक'
इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज गंवाने के साथ ही भारत ने सीरीज गंवाने की हैट्रिक लगा दी है।
पिछले 8 महीनों के अंदर भारत ने पहले दक्षिण अफ्रीका, फिर न्यूजीलैंड और अब इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज गंवाई है। मजेदार यह है कि यह तीनों सीरीज विदेशी धरती पर खेली गई।
भारत का टेस्ट क्रिकेट से 36 सालों बाद यह सबसे खराब समय चल रहा है। इससे पहले टीम इंडिया ने 1976-78 के बीच लगातार 3 टेस्ट सीरीज गंवाई थी। भारत तब इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान से हारा था।
भारत के लिए 26वीं बार हुआ ऐसा
ओवल टेस्ट की चौथी पारी में टीम इंडिया सिर्फ 94 रन बनाकर आउट हो गई। टेस्ट इतिहास में ऐसा 26वीं बार हुआ है जब भारतीय टीम किसी एक पारी में सौ रनों का आंकड़ा भी नहीं पार कर सकी हो।
इससे पहले भारत ने अप्रैल, 2008 में अहमदाबाद टेस्ट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सौ रन नहीं बना पाया था। भारत पहली पारी में सिर्फ 76 रन बनाकर आउट हो गया था। भारत यह मैच एक पारी और 80 रन से हार गया था।
इस दौरान आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि भारत किसी पारी में सौ रन के अंदर आउट हो गया हो और टीम मैच जीत गई हो, जबकि इंग्लैंड एक पारी में सौ से कम रन बनाने के बावजूद 6 बार मैच जीतने में कामयाब रही है।
अतिरिक्त से पीछे रह गए कोहली और धवन
टीम इंडिया की इस दुर्गति के पीछे विराट कोहली का सुपर फ्लॉप होना भी अहम कारण रहा है। कोहली 5 मैचों की सीरीज में बुरी तरह से नाकाम रहे हैं।
वह पूरी सीरीज में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। सिर्फ कोहली ही नहीं चेतेश्वर पुजारा भी इस सीरीज में बेहद असफल रहे हैं।
सुपर फ्लॉप रहे कोहली पूरी सीरीज में सिर्फ 134 रन ही बना पाए, जबकि इस दौरान सीरीज में भारत को अतिरिक्त के रूप में 177 रन मिले। इस लिहाज से अतिरिक्त रन ने कोहली से ज्यादा टीम को योगदान दिया। इसी तरह शिखर धवन भी सिर्फ 122 रन ही बना पाए।
आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने 177 रन बनाए।
आज से 78 साल पहले हुआ यह दिलचस्प वाकया
साथ ही ऐसा पहली बार हुआ है जब टीम इंडिया ने एक के बाद एक करके 3 टेस्ट मैच खेल के तीसरे दिन ही गंवा दिए।
जबकि 78 सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में कोई टीम शुरुआती 2 मैचों में सीरीज में पिछड़ी हुई और इसके बाद तीनों मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा ले।
इससे पहले 1936 में एशेज सीरीज के दौरान यह दिलचस्प रिकॉर्ड बना। इंग्लैंड पहले दोनों मैच जीतकर सीरीज में 2-0 से आगे था, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने डॉन ब्रैडमैन के बनाए 810 के दम पर जोरदार वापसी की और सीरीज 3-2 से अपने नाम कर लिया।