भारत के दो स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और केएल राहुल ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम को सूचित किया है कि वे चोट से जूझ रहे हैं रणजी ट्रॉफी के दूसरे दौर के मुकाबलों में नहीं खेल सकेंगे। कोहली को दिल्ली और राहुल को कर्नाटक ने दूसरे में दौर के मैचों के लिए अपनी-अपनी टीम में शामिल किया था। ऐसे में काफी समय बाद इन दोनों का घरेलू टूर्नामेंट में वापसी की संभावनाओं पर भी पूर्ण विराम लग गया।
कोहली को गर्दन में लगी है चोट
ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली की गर्दन में दर्द है। कोहली ने बीसीसीआई मेडिकल स्टाफ को सूचित किया कि उन्होंने आठ जनवरी को एक इंजेक्शन लिया था, लेकिन फिर भी उनकी गर्दन में दर्द है। इसी की वजह से उनका राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ दिल्ली के आगामी मुकाबले में खेलना मुश्किल है। रणजी में 36 वर्षीय कोहली की आखिरी उपस्थिति नवंबर 2012 में उत्तर प्रदेश के खिलाफ थी। तब उन्हें तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दोनों पारियों में (14 और 42 रन पर) आउट कर दिया था। विराट ने 155 प्रथम श्रेणी मैचों की 258 पारियों में 48.23 की औसत से 37 शतक और 39 अर्धशतक की मदद से 11,479 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254* रन है।
राहुल कोहनी में चोट की समस्या से जूझ रहे
दूसरी ओर, केएल राहुल कोहनी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी की वजह से वह बेंगलुरु में पंजाब के खिलाफ कर्नाटक के अगले दौर के मैच में नहीं खेल पाएंगे। दाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपना आखिरी रणजी मैच 2020 मार्च में कर्नाटक के लिए बंगाल के खिलाफ खेला था। तब उन्होंने सेमीफाइनल मैच में 26 और 0 का स्कोर बनाया था। तब उनकी टीम हार गई थी। वहीं, ऋषभ पंत (दिल्ली), शुभमन गिल (पंजाब) और यशस्वी जयसवाल (मुंबई) के साथ-साथ अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र) उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने आगामी रणजी ट्रॉफी मैचों में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।
बीसीसीआई ने घरेलू टूर्नामेंट में खेलना किया अनिवार्य
बीसीसीआई ने गुरुवार को टीम इंडिया के लिए नई नीतियां जारी कीं। इसकी वजह से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में चयन और केंद्रीय अनुबंध के लिए पात्र बने रहने के लिए घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेना अनिवार्य हो गया। केवल कुछ खास परिस्थितियों में ही खिलाड़ी को इससे छूट दी जाएगी। नई नीति में कहा गया है- राष्ट्रीय टीम और केंद्रीय अनुबंध में चयन के लिए घरेलू टूर्नामेंट्स में भागीदारी अनिवार्य है। इससे खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहने, प्रतिभाओं को खोजने में और मैच फिटनेस बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही बोर्ड घरेलू संरचना को मजबूत कर सकेगा।
नीतियों का पालन नहीं करने पर गंभीर परिणाम
इन नीतियों का पालन नहीं करने पर खिलाड़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इनमें केंद्रीय अनुबंधों से उनकी रिटेनर फीस में कटौती और आईपीएल में खेलने पर रोक शामिल है। टी20 विश्व कप 2024 जीतने के बाद से भारतीय टीम के औसत प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने यह सख्त कदम उठाया है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने 10 साल बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भी गंवा दी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था।