विराट कोहली ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी है। अब वो एक बल्लेबाज के रूप में भारतीय टीम के लिए अपनी सेवाएं देंगे। कोहली अब किसी भी फॉर्मेट या लीग में कप्तानी नहीं करेंगे। वो वनडे, टी-20 और आईपीएल टीम की कप्तानी पहले ही छोड़ चुके हैं। विराट के कप्तानी छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि विराट सबसे महान कप्तानों में से एक हैं। ऐसे क्रिकेटर कभी कभार पैदा होते हैं। बीसीसीआई ने स्टार बल्लेबाज के टेस्ट कप्तान के पद से हटने के बाद कहा कि यह एक व्यक्तिगत निर्णय था और बोर्ड इसका सम्मान करता है।
कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1-2 से सीरीज हारने के एक दिन बाद शनिवार को टेस्ट की कप्तानी को अलविदा कहा। उन्होंने सात साल तक सबसे लंबे फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी की और भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे। कोहली के नेतृत्व में, भारत ने 68 में से 40 टेस्ट जीते। विराट विश्व क्रिकेट में सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में से एक हैं।
क्या बोले गांगुली ?
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा "मैं व्यक्तिगत रूप से विराट को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में उनके अपार योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं। उनके नेतृत्व में, भारतीय क्रिकेट टीम ने खेल के सभी प्रारूपों में तेजी से प्रगति की। उनका निर्णय व्यक्तिगत है और बीसीसीआई इसका बहुत सम्मान करता है। वह इस टीम के एक बहुत ही महत्वपूर्ण सदस्य बने रहेंगे और एक नए कप्तान के नेतृत्व में बल्ले से अपने योगदान के साथ इस टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। हर अच्छी चीज का अंत होता है और यह बहुत अच्छा रहा है।"
विवादों में रहे थे कोहली
विराट ने लगभग तीन महीने पहले टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ने का एलान किया था। इसके बाद उन्हें एकदिवसीय कप्तान के पद से बर्खास्त कर दिया गया। गांगुली ने कहा था कि उन्होंने कोहली से टी 20 विश्व कप तक रुकने का अनुरोध किया था, लेकिन कोहली नहीं माने। इसके बाद बीसीसीआई के साथ कोहली के तनावपूर्ण संबंध सुर्खियों में आए। विराट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांगुली को झूठा साबित कर दिया था।
कोहली भारत के अब तक के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी से बागडोर संभालने के बाद, उन्होंने 68 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 58.82 के जीत प्रतिशत के साथ 40 जीत हासिल की। टेस्ट कप्तान के रूप में, उन्होंने 2015 में श्रीलंका के खिलाफ अपनी पहली श्रृंखला जीत दर्ज की।
विराट बेहतरीन कप्तानों में एक
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा "विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने वाले बेहतरीन कप्तानों में से एक रहे हैं। एक कप्तान के रूप में टीम के प्रति उनका रिकॉर्ड और योगदान किसी से कम नहीं है। 40 टेस्ट जीत में भारत का नेतृत्व करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका सहित भारत और विदेशों में टीम इंडिया को कुछ बेहतरीन टेस्ट मैच जिताए।"
उनके प्रयास देश का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखने वाले साथी और आने वाले क्रिकेटरों को प्रेरित करेंगे। हम विराट को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह भारतीय टीम के लिए मैदान पर यादगार योगदान देना जारी रखेंगे।
ऑस्ट्रेलिया फतेह करने वाले पहले कप्तान
कोहली के नेतृत्व में, भारत ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीत दर्ज की, वेस्टइंडीज में श्रृंखला जीती, टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान प्राप्त किया और 2021 में पहली आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में प्रवेश किया। कोहली के नाम कप्तान के रूप में घर में खेले गए 31 टेस्ट में से 24 में जीत का रिकॉर्ड भी है, जिसमें वह केवल दो टेस्ट हारे हैं।
विराट जैसा क्रिकेटर पीढ़ी में एक बार आता है
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, "विराट जैसा क्रिकेटर पीढ़ी में एक बार आता है और भारतीय क्रिकेट भाग्यशाली है कि उन्होंने एक कप्तान के रूप में टीम की सेवा की। उन्होंने जुनून और आक्रामकता के साथ टीम की कप्तानी की और देश और विदेश में भारत की कई यादगार जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हम उनके आगे के करियर के लिए शुभकामनाएं देते हैं।"
कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं, जबकि एमएस धोनी 60 मैचों में 27 जीत के साथ दूसरे और गांगुली 21 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। कोहली दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ (53) और रिकी पोंटिंग (48) और स्टीव वॉ (41) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी के बाद टेस्ट कप्तान के रूप में सर्वाधिक जीत की सूची में चौथे स्थान पर हैं।
बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल ने कहा "अपने कभी न हारने वाले रवैये के साथ, विराट ने कप्तान के रूप में अपना सब कुछ दिया और उनका शानदार रिकॉर्ड इसकी गवाही देता है। जिस क्षण से वह भारत के टेस्ट कप्तान बने, उन्होंने सुनिश्चित किया कि भारत हमेशा उत्कृष्टता के लिए प्रयास करे और हावी रहे। जबकि विराट एक बल्लेबाज के रूप में भी कमाल कर रहे थे। उन्होंने कप्तान के रूप में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिससे टीम को दुनिया भर में बेहतरीन प्रदर्शन करने में मदद मिली। मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"