अफगानिस्तान का टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ कोई चमत्कार नहीं दिखा पाना विराट कोहली के करियर को बहुत बड़ा जख्म दे गया। टी-20 विश्व कप से बाहर होते ही बतौर भारतीय कप्तान जीत का सबसे सफल रिकॉर्ड होने के बावजूद विराट के माथे पर असफल कप्तान का टैग चस्पा हो गया है। विराट देश के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्हें चारों आईसीसी टूर्नामेंट में देश की कमान संभालने का मौका मिला, लेकिन एक भी खिताब उनके हिस्से नहीं आया। आईसीसी चैंपियंस ट्राफी हो या फिर वन डे विश्व विश्व कप, टी-20 विश्व कप या फिर टेस्ट चैंपियनशिप, दहलीज पर पहुंचकर भी विराट से आईसीसी खिताब दूर ही रहा।
धोनी से भी अच्छा है जीत का प्रतिशत
सभी प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी-20) में कप्तानी की बात करें तो विराट कोहली 209 मैचों में कप्तानी के साथ आठवें नंबर पर हैं। महेंद्र सिंह धोनी 332 मैचों के साथ पहले नंबर पर हैं, लेकिन दूसरे नंबर पर मौजूद रिकी पोंटिंग को छोड़ दें तो विराट की कप्तानी का जीत और हार प्रतिशत सबसे बेहतर है। उनकी जीत का प्रतिशत 63.15 और हार का 28.22 है। धोनी का जीत प्रतिशत 53.61 और हार का प्रतिशत 36.14 है। विराट से ऊपर 67.09 और 23.76 प्रतिशत के साथ रिकी पोंटिंग ही हैं, लेकिन महान कप्तानों की बात आएगी तो धोनी का नाम हमेशा विराट से ऊपर लिया जाएगा। इसका कारण है। धोनी के कैबिनेट में 2007 का टी-20 और 2011 का वन डे विश्व कप की ट्राफी होना।
विराट कोहली का कप्तानी रिकार्ड
| कुल मैच |
जीत |
हार |
टाई |
ड्रॉ |
जीत प्रतिशत |
हार प्रतिशत |
| 209 |
132 |
59 |
3 |
11 |
63.15 |
28.22 |
महेंद्र सिंह धोनी का कप्तानी रिकार्ड
| कुल मैच |
जीत |
हार |
टाई |
ड्रॉ |
जीत प्रतिशत |
हार प्रतिशत |
| 332 |
178 |
120 |
6 |
15 |
53.61 |
36.14 |
महत्वपूर्ण मैचों में नहीं चला विराट का बल्ला
विराट ने 2017 की चैंपियंस ट्राफी में पहली बार आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया की कप्तानी संभाली। यहां भारत खिताब का प्रबल दावेदार था। विराट की टीम फाइनल में भी पहुंची, लेकिन पाकिस्तान के हाथों उसे बेहद कड़वी हार का घूंट पीना पीड़ा। यहां विराट के बल्ले से महज एक रन निकला। विराट का अगला आईसीसी टूर्नामेंट 2019 का वन डे विश्व कप था। यहां भी भारत खिताब का दावेदार था, लेकिन सेमीफाइनल में उसे न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यहां विराट के बल्ले से 5 रन निकले। छह में से पांच श्रृंखलाएं जीतकर विराट टीम इंडिया को टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में लेकर गए, लेकिन यहां भी न्यूजीलैंड से उन्हें हार मिली। यहां विराट ने 44 और 13 की पारियां खेलीं। इस टी-20 विश्व कप में तो वह टीम को सेमीफाइनल में भी नहीं ले जा सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहद महत्वपूर्ण मैच में उन्होंने महज नौ रन ही बनाए।
विराट के लिए खलनायक बने टॉस, ओस
इस टी-20 विश्व कप में विराट की किस्मत ने भी साथ नहीं दिया। वह पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टॉस नहीं जीत सके। ओस ने मुख्य भूमिका निभाई जिसका फायदा बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को मिला। विराट ने माना भी कि टॉस नहीं जीतना अहम था और ओस ने मुख्य भूमिका निभाई। सही मायनों में ओस और टॉस विराट के जीवन भर की टीस बन गए।