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कौन होगा महिला क्रिकेट टीम का नया कोच? सीओए में पड़ी फूट, सामने आया विवाद

Wed, 12 Dec 2018 03:35 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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महिला क्रिकेट टीम के नए कोच के अनुबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित दो सदस्यीय प्रशासकों की समिति (सीओए) में घमासान मच गया है। सीओए चेयरमैन विनोद राय और सदस्य डायना एडुल्जी की इस मुद्दे को लेकर तकरार खुलकर सामने सतह पर आ गई है।
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कोच के चयन को राय के इशारे पर कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी को डायना ने एकतरफा फैसला करार दिया। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि वह इस मुद्दे पर राय के फैसले से सहमत नहीं है। वह उनके बिना अकेले इस पर फैसला नहीं ले सकते हैं।
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एडुल्जी ने सीईओ राहुल जौहरी और जीएम सबा करीम को कहा है कि बिना उनकी संस्तुति के वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएं। वह कमेटी सदस्य होने के नाते इस फैसले को अनुमति प्रदान नहीं कर रही हैं। दोपहर पौने तीन बजे भेजे गए डायना के इस मेल के बाद शाम को राय ने तीन सदस्यीय कमेटी के गठन की आधिकारिक सूचना जारी कर दी।

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डायना शुरू से ही महिला टीम के नए कोच के अनुबंध का विरोध कर रही हैं। वह हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना की अपील पर पोवार को अगली श्रृंखला तक बनाए रखने के पक्ष में हैं, लेकिन राय ने मिथाली राज के पक्ष में जाकर पोवार को टीम में बंटवारे की जड़ मानते हुए कानूनी राय लेकर नए कोच के अनुबंध की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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डायना का कहना है कि कोच के अनुबंध की पहले की प्रक्रिया को बंद दिए बिना नए कोच का विज्ञापन जारी कर दिया गया, जबकि पहले की प्रक्रिया में छह क्रिकेटर आवेदन कर चुके थे। फिर कोच के अनुबंध की जिम्मेदारी क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी की है, लेकिन कमेटी से उसकी उपलब्धता के बारे में नहीं पूछते हुए कपिल, अंशुमन से बात कर ली गई।
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वहीं राय ने मेल में स्पष्ट किया है कि इस स्थिति को ज्यादा समय के लिए लटकाया नहीं जा सकता है। वह महिला क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर नए कोच के अनुबंध का फैसला ले रहे हैं। अब विज्ञापन जारी हो चुका है और क्रिकेटरों ने आवेदन शुरू कर दिए हैं। ऐसे में इसे वापस लेना संभव नहीं है। राय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला कानूनी राय लेकर लिया गया है।
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