टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच खेला गया निदाहास ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हर भारतीय क्रिकेट फैंस के जहन में अभी भी ताजा है। इस मैच की आखिरी गेंद पर 5 रन की जरुरत थी और सामने खड़े दिनेश कार्तिक ने जिस खूबसूरती के साथ छक्का मारकर टीम इंडिया को जीत दिलाई, वो पल हर किसी को लंबे वक्त तक याद रहेगा।
दरअसल उस क्षण को याद करते हुए शंकर ने बताया कि मैं आउट होकर ड्रेसिंग रूम में अपनी आंख बंद करके भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि
कार्तिक लास्ट बॉल को किसी तरह बस बाउंड्री के पार पहुंचा दें। कुछ देर के बाद मैंने जैसे ही अपनी आंखें खोली तो स्टेडियम में बहुत शोर हो रहा था और फैंस नाच रहे थे।
मैं खुशी के मारे कूद पड़ा और दौड़ते हुए दिनेश कार्तिक के पास जा पहुंचा। शंकर ने कहा कि वह कर्नाटक की ओर से खेलते हुए हमारे सिर्फ मेंटर ही नहीं है बल्कि मेरे लिए आइडल भी हैं। इस जीत को याद करते हुए उनका कहना था, 'यह मेरी जिंदगी का कभी न भूल पाने वाला क्षण था।'
उन्होंने कहा, 'मैं सोच था कि यह आखिर मेरे साथ हो क्या रहा है। अगर कार्तिक छक्का न मारते तो अगर हम हार जाते तो। बस यही सब दिमाग में चल रहा था। मैं यह भी सोच रहा था कि अगर मैंने इतनी डॉट बॉल ने खेली होती तो हम आसानी से जीत जाते। मैं इस जीत के लिए कार्तिक का शुक्रगुजार हूं कि उनकी वजह से हम मैच जीतने में कामयाब रहे।'