भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ से ज्यादा को लोन लेकर लंदन भागने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या को लेकर मीडिया ग्रुप इंडिया टुडे ने बड़ा खुलासा किया है। इंडिया टुडे में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार माल्या ने आईपीएल टीम खरीदने के लिए लोन के पैसों का इस्तेमाल किया।
यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के सर्वर से मिले ई-मेल से खुलासा हुआ है कि माल्या और उनके सहयोगियों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) से लिए लोन का उपयोग आईपीएल टीम खरीदेने और अन्य कामों में किया। ईमेल से यह जानकारी मिली है कि एसबीआई के अधिकारियों ने लोन की राशि का दुरुपयोग करने का विरोध किया था। बैंक के विरोध के बावजूद माल्या ने आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और अन्य जगहों पर किया।
साल 2008 में किंगफिशर एयरलाइंस के दीवालिया होने के बाद एसबीआई से 500 करोड़ रुपये का लोन किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर लिया। इसी साल माल्या ने आईपीएल की बैंगलोर फ्रेंचाइजी को खरीदने में 476 करोड़ रुपये खर्च किए। इससे पहले उन्होंने कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावदूज डेक्कन एयरलायंस के शेयर खरीदे।
विजय माल्या और उनके चीफ फायनेंशियल ऑफिसर ए. रघुनाथन के बीच 2009 में मेल पर हुई बातचीत से इन सभी बातों का खुलासा हुआ। मेल से जानकारी हासिल हुई कि 30 अप्रैल 2009 और 4 मई 2009 को किंगफिशर एयरलायंस ने आरसीबी को 15.9 करोड़ रुपये देने की कोशिश की। इसके अलावा 77 चेक एयललायंस ने दूसरी कंपनियों और लोगों को दिए। इनमें से 76 चेक बैंक ने क्लियर कर दिए।
इस ई-मेल में रघुनाथन ने माल्या से बैंक अधिकारियों की शिकायत भी की। रघुनाथन ने लिखा, 'एसबीआई अधिकारियों ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस आईपीएल में क्यों पैसा खर्च कर रही है, जबकि एयरलाइंस पहले से ही बड़े घाटे में है। तमाम कोशिशों के बावजूद बैंक ने कहा है कि वो सिर्फ एयरलाइंस से जुड़ी कंपनियों और लोगों को ही लोन का पेमेंट करेंगे।'