विदर्भ ने महाराष्ट्र को 69 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब टीम का सामना कर्नाटक से होगा जिसने पहले सेमीफाइनल में हरियाणा पर पांच विकेट से जीत दर्ज की थी। इस टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला वडोदरा में 18 जनवरी यानी शनिवार को खेला जाएगा। गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी विदर्भ ने ध्रुव शोरे (114) और यश राठोड़ (116) की दमदार पारियों की बदौलत 50 ओवर में तीन विकेट पर 380 रन बनाए। जवाब में महाराष्ट्र की टीम निर्धारित ओवर में सात विकेट पर 311 रन ही बना सकी। ऋतुराज गायकवाड़ की टीम की तरफ से अर्शिन कुलकर्णी (90) और अंकित बावने (50) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं।
सलामी बल्लेबाज शोरे और राठौड़ ने 34.4 ओवर में 224 रन जोड़कर विदर्भ को शानदार शुरुआत दिलाई। यह साझेदारी तब टूटी जब बाएं हाथ के स्पिनर सत्यजीत बाचव ने राठौड़ को आउट किया। शोरे भी चार ओवर बाद तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी की गेंद पर बावने को आसान कैच देकर पवेलियन लौट गए।
इन दोनों के जल्दी आउट होने के बावजूद महाराष्ट्र को कोई राहत नहीं मिली। नायर और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा (51 रन, 33 गेंद, तीन चौके, तीन छक्के) ने लगातार बड़े शॉट खेले। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए करीब 10 ओवर में 93 रन जोड़कर विदर्भ को 300 रन के पार पहुंचाया।
जितेश अपना अर्धशतक बनाने के तुरंत बाद आउट हो गए लेकिन करुण ने अंतिम ओवर में तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी पर दो छक्के और तीन चौकों से 24 रन बनाए। विदर्भ ने अंतिम सात ओवर में 100 से अधिक रन लुटाए। करुण ने भी इस टूर्नामेंट में 752 के अविश्वसनीय औसत से अपने रनों की संख्या 752 तक पहुंचाई। उनके लिस्ट ए करियर का औसत भी टूर्नामेंट के पहले के 31.74 से बढ़कर 41.34 पर पहुंच गया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए महाराष्ट्र ने कप्तान रुतुराज गायकवाड़ (07) का विकेट जल्द गंवा दिया जिन्होंने दर्शन नालकंडे की गेंद पर जीतेश को कैच थमाया। इसके बाद महाराष्ट्र की टीम कभी लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखी। विदर्भ के लिए तेज गेंदबाज नालकंडे और नचिकेत भूटे ने भी तीन-तीन विकेट लिए।