कर्नाटक
लिस्ट-ए क्रिकेट में 82 की औसत से रन बनाने वाले पडिक्कल ने इस सीजन में खुद को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सात मैचों में 640 रन, चार शतक और 91.42 के औसत के साथ वह इस समय टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनके अब तक 13 शतक हो चुके हैं और वह जल्द ही नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।
आईपीएल 2026 की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद मनोहर ने घरेलू क्रिकेट में जोरदार वापसी की है। 161 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए उन्होंने झारखंड के खिलाफ 413 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 32 गेंदों में नाबाद 56 रन ठोके।
विदर्भ
24 वर्षीय यह बल्लेबाज इस सीजन शतकों की मशीन बन चुका है। सात मैचों में 637 रन, चार शतक और 106.16 की औसत के साथ उन्होंने मजबूत गेंदबाजी आक्रमणों के खिलाफ अपनी काबिलियत साबित की है।
नॉकआउट मुकाबलों के विशेषज्ञ शोरे एक बार फिर विदर्भ की उम्मीदों की धुरी हैं। सात मैचों में 419 रन और अहम मुकाबलों में बड़े स्कोर बनाने का उनका रिकॉर्ड विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी है।
मुंबई
फिटनेस में जबरदस्त सुधार के बाद सरफराज सफेद गेंद क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं। पांच पारियों में 303 रन, 190+ स्ट्राइक रेट और भारत के सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक के साथ वह चयनकर्ताओं को साफ संदेश दे चुके हैं।
अंडर-19 विश्व कप फाइनलिस्ट मुशीर ने अपने पहले ही सीजन में ऑलराउंड प्रदर्शन किया है। 236 रन और 10 विकेट के साथ वह मुंबई के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो रहे हैं।
दिल्ली
पंजाब किंग्स के साथ आईपीएल में छाप छोड़ने वाले प्रियांश दिल्ली के टॉप स्कोरर हैं। 165 से अधिक स्ट्राइक रेट और निरंतरता उन्हें खतरनाक बल्लेबाज बनाती है।
17 विकेट लेकर दिल्ली के सबसे सफल गेंदबाज रहे प्रिंस यादव ने ईशांत शर्मा और नवदीप सैनी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।
उत्तर प्रदेश
टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने के बाद जुरेल ने वनडे दावेदारी भी ठोक दी है। सात मैचों में 558 रन और 93 की औसत के साथ उनका फॉर्म शानदार है।
21 विकेट के साथ टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर जीशान हर टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।
पंजाब
आक्रामक बल्लेबाजों से भरी पंजाब टीम में अनमोलप्रीत ने संतुलन बनाए रखा है। 71 की औसत से रन बनाकर वह टीम की रीढ़ बने हुए हैं।
तेज गेंदबाजों के लिए मुश्किल सीजन में भी सुखदीप ने 17 की औसत से विकेट निकालकर पंजाब को संबल दिया है।
सौराष्ट्र
अनुभवी ऑलराउंडर चिराग जानी बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे रहे हैं। नॉकआउट में उनका अनुभव बेहद काम आएगा।
लीग के आखिरी चरण में लगातार शानदार प्रदर्शन कर सौराष्ट्र को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाने में पवार का बड़ा योगदान रहा है।
मध्य प्रदेश
दो शतक और 55+ की औसत के साथ यश दुबे ने एमपी को पहली बार खिताब जिताने की उम्मीद जगाई है।
अनुभवी स्पिनर कार्तिकेय ने मध्य प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेकर गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाली है।