युवा भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने शनिवार को टूर्नामेंट में अपना चौथा शतक जड़कर वनडे टीम में चयन की अपनी दावेदारी को और मजबूत कर लिया। खास बात यह है कि पडिक्कल ने यह उपलब्धि महज पांच पारियों में हासिल की है।
पडिक्कल के 13वें लिस्ट ए शतक से कर्नाटक मजबूत
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तीन जनवरी को खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में कर्नाटक का सामना त्रिपुरा से हुआ। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कर्नाटक की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और महज तीन ओवरों के भीतर मयंक अग्रवाल और करुण नायर के विकेट गिर गए। स्कोर 6/2 होने के बाद टीम दबाव में थी, लेकिन एक बार फिर देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाल लिया।
पडिक्कल ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए पारी को स्थिरता दी और एक अहम 136 रनों की साझेदारी कर कर्नाटक को संकट से बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने केएल राहुल के साथ 65 रनों की अहम साझेदारी की। राहुल ने 35 रनों की तेज पारी खेली, जबकि निचले क्रम में स्मरण ने उपयोगी 60 रन जोड़े। पडिक्कल ने 38वें ओवर में सिंगल लेकर अपना शतक पूरा किया और उनकी परिपक्व पारी की बदौलत कर्नाटक ने 50 ओवरों में सात विकेट पर 332 रन बनाए। यह पडिक्कल का लिस्ट-ए क्रिकेट में 13वां शतक रहा। उनका विजय हजारे अभियान अब तक बेहद शानदार रहा है। उन्होंने टूर्नामेट की शुरुआत झारखंड के खिलाफ 118 गेंदों पर 147 रन बनाकर की थी, इसके बाद केरल के खिलाफ 137 गेंदों पर 124 रन जड़े। तमिलनाडु के खिलाफ असफलता के बाद उन्होंने पुड्डुचेरी के खिलाफ 113 रन बनाकर जोरदार वापसी की।
भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए बढ़ी दावेदारी
पांच पारियों में चार शतकों के साथ देवदत्त पडिक्कल इस समय टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 500 से ज्यादा रन बना लिए हैं और उनका औसत व स्ट्राइक रेट दोनों 100 से ऊपर है। इसके अलावा वह अब तक 45 चौके भी लगा चुके हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा करने वाला है। ऐसे में पडिक्कल की मौजूदा फॉर्म ने उन्हें चयन की दौड़ में मजबूती से बनाए रखा है।