खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ ने काउंटी क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ दिया है। उन्होंने समरसेट के खिलाफ 153 गेंदों में 244 रन की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। नॉर्थम्पटनशायर के लिए पारी की शुरुआत करने वाले पृथ्वी शॉ आखिरी ओवर में लैम्ब की गेंद पर कैच आउट हुए। लगभग पूरी पारी में बल्लेबाजी करने वाले शॉ ने 28 चौके और 11 छक्के लगाए। उन्होंने 129 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। इस पारी में उनका स्ट्राइक रेट 159.48 का रहा।
शॉ के अलावा व्हाइटमैन ने 54 रन बनाए। रिकार्डो ने 47 और एमिलो ने 30 रन का योगदान देकर अपनी टीम को 415 रन तक पहुंचाया। इस मैच में एक छोर पर नॉर्थम्पटनशायर के विकेट गिरते रहे और दूसरे छोर पर शॉ गेंदबाजों की पिटाई करते रहे। इसी वजह से नॉर्थम्पटनशायर की टीम आठ विकेट गंवाने के बावजूद 415 रन के स्कोर तक पहुंच सकी।
जब पृथ्वी शॉ भारतीय क्रिकेट परिदृश्य में उभरे, तो उनसे भविष्य का स्टार माना जा रहा था। अंडर-19 स्तर पर बड़ी सफलता के बाद, शॉ ने अपने सीनियर करियर की भी शानदार शुरुआत की और 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक बनाया। उन्हें भारतीय टीम में मौके मिलने लगे और उन्होंने पांच टेस्ट, छह वनडे और एक टी20 मैच खेला। हालांकि, चोटों और खराब फॉर्म के चलते वह भारतीय टीम से बाहर हो गए। वह मैदान के बाहर विवादों में भी फंस गए और भारत के लिए उनका क्रिकेट करियर खत्म होता दिख रहा था। शॉ अब घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और वापसी करने की उम्मीद के साथ इस सीजन के लिए इंग्लिश काउंटी नॉर्थम्पटनशायर से जुड़ गए हैं।
एक इंटरव्यी में शॉ से पूछा गया कि वह अपने करियर के कठिन बिंदुओं के बारे में टीम में किस खिलाड़ी से खुलकर बात करते हैं। दिल्ली कैपिटल्स के स्टार ने खुलासा किया कि उन्होंने कभी भी किसी के सामने खुलकर बात नहीं की है। "हर कोई एक-दूसरे से बात करता है। लेकिन खुलकर... शायद ही। कम से कम, मैंने कभी किसी से खुलकर बात नहीं की है। हां, सारी मजाक-मस्ती होती रहती है। लेकिन निजी चीजें निजी होती हैं।"
जब शॉ से उस व्यक्ति के बारे में पूछा गया जिसके पास वह अपने विचार साझा करने के लिए पहुंचते हैं, तो उन्होंने अपने पिता और अपने कोच को अपने पसंदीदा लोगों के रूप में चुना।
उन्होंने खुलासा किया, "मैं अपने पिता से बात करता रहता हूं। अगर यह क्रिकेट के बारे में है, तो मैं अपने कोच प्रशांत शेट्टी से संपर्क करता हूं। मैं आपको बता रहा हूं, आजकल मैंने अपने विचार लोगों के साथ साझा करना बंद कर दिया है। मैं यह सब अपने अंदर ही रखता हूं।" उन्होंने कहा कि वह लोगों से आसानी से खुल जाते थे, लेकिन अब नहीं। "मैं खुलकर बातें कहता हूं। पहले जब कोई मुझसे अच्छे से बात करता था तो मैं आसानी से खुल जाता था। बाद में मुझे पता चलता था कि कोई मेरी पीठ पीछे भी वही बातें कह रहा है। ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ है। लेकिन ऐसा हुआ है।" अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। मैं खुद ही समझ गया कि यह दुनिया अलग तरह से काम करती है।