रजनीश गुरबानी (68 रन पर सात विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की बदौलत विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मजबूत कर्नाटक को हराकर इतिहास रच दिया। विदर्भ ने आखिरी दिन कर्नाटक को पांच रन से मात दी।
विदर्भ पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचा है और अब उसके सामने इंदौर में होने वाले खिताबी मुकाबले में दिल्ली की चुनौती होगी, जिसने बंगाल को तीन दिन में ही पारी और 26 रन से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया था।
बहरहाल, 198 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही कर्नाटक को मैच के पांचवें और अंतिम दिन विदर्भ ने 59।1 ओवर में 192 रन पर ढेर कर पांच रन से रोमांचक जीत दर्ज की। विदर्भ को बुधवार को ही जीत की सुगंध मिल गयी थी और कर्नाटक के मात्र तीन विकेट ही शेष थे। लेकिन अंतिम दिन कर्नाटक के कप्तान आर विनय कुमार ने 48 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाकर 36 रन तथा अभिमन्यु मिथुन ने 33 रन की पारी खेल मैच को रोमांचक बना दिया।
फिर श्रेयस गोपाल ने नाबाद 24 रन की पारी खेली और मैच लगभग कर्नाटक की पहुंच में आ गया। लेकिन गुरबानी ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए विदर्भ को पहली बार फाइनल का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
विदर्भ की इस जीत के हीरो रहे गुरबानी ने 23.1 ओवर में 68 रन पर सर्वाधिक सात विकेट निकाले जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। गुरबानी को मैन ऑफ द मैच चुना गया। सिद्धेश नेराल को दो और तेज गेंदबाज उमेश यादव को एक विकेट मिला।