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BCCI के अनुभवी पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह 22 साल की सर्विस के बाद हुए रिटायर

Mon, 02 Sep 2019 01:55 AM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह - फोटो : TOI
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क्रिकेट की पिचों को देश में नया आयाम देने वाले बीसीसीआई के चीफ क्यूरेटर दलजीत सिंह चुपचाप संन्यास लेकर विदा हो गए हैं। बीसीसीआई की ओर से उन्हें 31 अगस्त से क्यूरेटर पद से सेवानिवृत कर दिया गया है। दलजीत सिंह 1997 से लगातार इस पद पर बने हुए थे। उन्हीं की निगरानी में बोर्ड के घरेलू टूर्नामेंटों और अंतरराष्ट्रीय मैचों में पिचों का निर्माण होता रहा था, लेकिन 1994 में मोहाली में देश को पहली बाउंसी विकेट देने वाले दलजीत अब पिचें तैयार करते नजर नहीं आएंगे।

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दलजीत का नाम जितना क्यरेटर के तौर पर जाना गया उतनी ख्याति उन्हें बतौर क्रिकेटर भी नहीं मिली। वह सर्विसेज, नार्दन पंजाब, डीडीसीए और बिहार केलिए रणजी ट्राफी में खेले। दलीप ट्राफी में उन्होंने उत्तर, पूर्व और मध्य क्षेत्र की टीमों का प्रतिनिधत्व किया। यही नहीं वह कर्नाटक और पंजाब की उन टीमों के कोच रहे जिसमें अनिल कुंबले, राहुल द्रविड, सुजीत सोमसुंदर, जवागल श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद, डेविड जॉनसन, डोडा गणेश, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीआरवी सिंह, हरविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह सीनियर जैसे क्रिकेटर रहे। वह 1975-76 में रणजी ट्राफी के फाइनल में पहुंचने वाली बिहार टीम के कप्तान भी रहे।

दलजीत ने अमर उजाला से कहा कि क्यूरेटर की जिस भूमिका को उन्हें पूर्व बोर्ड अध्यक्ष आईएस बिंद्रा ने सौंपा था। वह उसे शरद पवार और अन्य अध्यक्षों के जरिए बेहद सुरक्षित हाथों में छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने उस समय पिच बनाने का काम शुरू किया था जब इसे माली और ग्राउंड्समैन तैयार करते थे। आज यह नियमित काम है। उन्होंने डीडीसीए के क्यूरेटर अंकित और मोहाली के राकेश का नाम लेते हुए कहा कि पिचों का काम इस वक्त बेहद सुरक्षित हाथों में है। 
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दलजीत के पूरे कार्यकाल में 2013 में एक बार विवाद का मौका आया जब श्रीलंका के खिलाफ वन डे में कोटला की पिच को खतरनाक करार मैच रद्द कर दिया गया। उस दौरान बोर्ड की पूरी पिच कमेटी को भंग कर दिया गया था। दलजीत खुलासा करते हैं कि आईसीसी की पिच कमेटी के चेयरमैन एंडी एटकिंसन ने उस दौरान अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ कोई गलत बात नहीं कही थी। बाद में उन्हें फिर रख लिया गया था।

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