वसंत रायजी के निधन के बाद 1 मई, 1920 को जन्में न्यूजीलैंड के एलन बरगेस दुनिया के सबसे उम्रदराज क्रिकेटर हो चुके हैं। बीसीबीआई ने बताया कि रायजी मुंबई में जॉली क्रिकेट क्लब के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने रणजीतसिंहजी, दलीपसिंहजी, विक्टर ट्रम्पर, सीके नायडू और एलपी जय पर किताबें लिखी हैं।
पूर्व भारतीय वयोवृद्ध क्रिकेटर वसंत रायजी का शनिवार को निधन हो गया, उन्होंने मुंबई में आज तड़के 2:30 बजे आखिरी सांस ली। वह 100 साल के थे। वसंत रायजी के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं, उनके निधन पर सचिन तेंदुलकर और बीसीसीआई ने शोक व्यक्त किया है।
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तेंदुलकर ने ट्वीट किया, 'मैं श्री वसंत रायजी से इस वर्ष की शुरुआत में उनका 100वें जन्मदिन मनाने के लिए मिला था। उनमें क्रिकेट खेलने और देखने के लिए जुनून था। उनके निधन से मेरे दिल को दुख पहुंचा है। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है।'
बीते 26 जनवरी को ही अपनी जिंदगी का शतक पूरा करने वाले वसंत भारत के सबसे उम्रदराज प्रथम श्रेणी क्रिकेटर थे। उस दौरान सचिन तेंदुलकर और स्टीव वॉ भी उनसे पहुंचे थे। सचिन ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा था, ‘आपको 100वें जन्मदिन की शुभकामनाएं श्री वसंत रायजी। हमारे प्यारे खेल से जुड़ा यादों का खजाना बढ़ाने के लिए आभार।’
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1939 में 13 साल की उम्र में रायजी ने दक्षिण मुंबई के बॉम्बे जिमखाना में पहला टेस्ट मैच खेल था। दाएं हाथ के बल्लेबाज को मुंबई और बड़ौदा के लिए भी खेलने का मौका मिला। 1940 के दशक में ऩौ प्रथम श्रेणी मैच में 277 रन बनाने वाले इस खिलाड़ी का उच्चतम स्कोर 68 रन था। रायजी ने लाला अमरनाथ, विजय मर्चेंट, सीके नायडू और विजय हजारे जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है।
खेल को अलविदा कहने के बाद रायजी ने लेखन की ओर रुख किया और भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास पर कई महत्वपूर्ण किताबें लिखीं। वे पेशे से एकाउंटेंट थे और इस विषय पर भी दो किताबें लिख चुके थे। बाद में वह एक क्रिकेट इतिहासकार बन गए और दक्षिण बॉम्बे में उनके घर को भारतीय क्रिकेट के शुरुआती वर्षों में पुस्तकों के खजाने के रूप में जाना जाता था।