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CT 2025: चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पहली पसंद नहीं थे वरुण चक्रवर्ती, ऐन वक्त पर मिला मौका; ट्रंप कार्ड साबित हुए

Mon, 10 Mar 2025 05:23 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

वरुण चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए कितने उपयोगी साबित हुए इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वह टूर्नामेंट में देश के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। वरुण ने तीन मैचों में नौ विकेट लिए और गोल्डन बॉल की दौड़ में न्यूजीलैंड के मैट हेनरी के बाद दूसरे स्थान पर रहे।
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वरुण चक्रवर्ती - फोटो : PTI
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विस्तार
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मिस्ट्री स्पिनर के नाम से मशहूर वरुण चक्रवर्ती को चैंपियंस ट्रॉफी के भारतीय टीम में लेना मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। भारत ने रविवार को न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता जिसमें वरुण का भी अहम योगदान रहा। ये वही वरुण हैं जिन्हें शुरुआत में इस टूर्नामेंट के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अंतिम समय में भारत ने बदलाव करते हुए वरुण को जगह दी थी। 
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खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराया 
न्यूजीलैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 50 ओवर में 252 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे भारतीय टीम ने चार विकेट शेष रहते जीता। भारत ने कप्तान रोहित शर्मा के 83 गेंदों पर 76 रनों की पारी के दम पर 49 ओवर में छह विकेट पर 254 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। भारत ने इस तरह 2013 के बाद इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की और पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद लगातार दूसरा आईसीसी खिताब जीता। 

टूर्नामेंट में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे वरुण
वरुण चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए कितने उपयोगी साबित हुए इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वह टूर्नामेंट में देश के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। वरुण ने तीन मैचों में नौ विकेट लिए और गोल्डन बॉल की दौड़ में न्यूजीलैंड के मैट हेनरी के बाद दूसरे स्थान पर रहे। वरुण के अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी इतने ही विकेट लिए। 

वरुण पहले दो मैच में नहीं खेले और न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हें मौका मिला। वरुण को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप चरण के अंतिम मैच में हर्षित राणा की जगह खेलने का मौका मिला था। वरुण ने पहले ही मैच में पांच विकेट झटके और भारत को 250 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव कराने में अहम भूमिका निभाई। यह किसी भारतीय गेंदबाज का चैंपियंस ट्रॉफी के डेब्यू मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वरुण ने फिर सेमीफाइनल और फाइनल में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 

चैंपियंस ट्रॉफी से 10 दिन पहले मिला था डेब्यू का मौका
वरुण का चैंपियंस ट्रॉफी में शामिल होना किसी सपने जैसा रहा। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी थी। वरुण ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच मैचों में 14 विकेट लिए थे और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे। इस प्रदर्शन के बाद वरुण को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भी मौका मिला। वरुण को कटक में खेले गए दूसरे वनडे मैच से डेब्यू करने का अवसर मिला। वरुण ने 33 साल 164 दिन की उम्र में भारत के लिए वनडे में डेब्यू किया। वह इस प्रारूप में अजीत वाडेकर के बाद डेब्यू करने वाले भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने थे। वरुण ने ऐसे समय 50 ओवर के प्रारूप में भारत के लिए अपना पहला मैच खेला जब 10 दिन बाद चैंपियंस ट्रॉफी होनी थी। यहीं से वरुण को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मौका मिलने के संकेत मिलने लगे।
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टीम में बदलाव का जोखिम आया काम
चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 19 फरवरी से होनी थी, लेकिन टीम इंडिया ने इससे कुछ ही दिन पहले यानी 11 फरवरी को अपनी शुरुआती 15 सदस्यीय टीम बदलाव किया। भारत ने बुमराह की जगह तेज गेंदबाज हर्षित को चुना, जबकि बल्लेबाज यशस्वी की जगह वरुण को मौका दिया था। यह दूसरी बार था जब वरुण को अंतिम समय में आईसीसी के किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए चुना गया। इससे पहले वरुण को 2021 टी20 विश्व कप के लिए भी टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वह टूर्नामेंट में पूरी तरह विफल रहे थे और एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। हालांकि, दुबई में ही वरुण इस बार सफल साबित हुए और उन्हें टीम में लेने का जोखिम काम आया।
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