पंजाब किंग्स के युवा तेज गेंदबाज वैभव अरोड़ा अपने पहले ही मैच में कमाल की गेंदबाजी कर चर्चा में आ चुके हैं। वैभव ने अपने पहली ही मैच में चेन्नई के दो बल्लेबाजों को आउट करके अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी और यह मैच जिताने में अहम योगदान दिया। उन्होंने इस मैच में 21 रन देकर दो विकेट लिए। मैच के बाद वैभव ने कहा है कि उन्हें खुद पर विश्वास था। उन्होंने हमेशा ही नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराया है। कप्तान ने भी उन पर भरोसा जताया और वो मयंक के भरोसे पर खरे उतरे।
चेन्नई को हराने के साथ ही पंजाब किंग्स तीन मैचों में दो जीत के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर आ चुकी है। वहीं चेन्नई लगातार तीन हार के साथ सातवें पायदान पर पहुंच गई है।
मजबूत हुई पंजाब की गेंदबाजी
एक मैच के आधार पर यह कहना जल्दीबाजी होगी कि पंजाब को एक और बेहतरीन तेज गेंदबाज मिल गया है, लेकिन पहले मैच में वैभव ने खासा प्रभावित किया। उन्होंने पावरप्ले में तीन ओवर किए और मयंक ने सातवां ओवर भी उनसे ही कराया। इस मैच में अरोड़ा की 14 गेंदों पर चेन्नई के बल्लेबाज रन नहीं बना सके। पंजाब ने पावरप्ले में ही चेन्नई के चार बल्लेबाजों को आउट कर दिया था। ऐसे में मयंक ने वैभव से लगातार चौथा ओवर कराया और विकेट के लिए जाने को कहा। हालांकि, वैभव को विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इससे पहले रॉबिन उथप्पा और मोईन अली का अहम विकेट लेकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।
मुझे खुद पर विश्वास था- वैभव
वैभव ने मैच के बाद कहा "आईपीएल में यह मेरा पहला मैच था और मेरे ऊपर दबाव था, लेकिन मुझे खुद पर यकीन था। इससे पहले घरेलू क्रिकेट और प्रैक्टिस मैचों में मैंने जब भी नई गेंद से गेंदबाजी की थी, अच्छा प्रदर्शन किया था। गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराया था। इसलिए खुद पर विश्वास था। मुझे उस विश्वास का फायदा मिला। मेरी गेंद स्विंग हो रही थी। इसलिए मयंक ने मुझसे लगातार चौथा ओवर कराया और विकेट के जाने को कहा। मैं अपने तीन ओवरों में पहले ही दो विकेट ले चुका था। हमारे पास अंत के ओवरों में गेंदबाजी करने के लिए अर्शदीप सिंह और कगिसो रबाडा थे। इसलिए मेरे चौथे ओवर में एक और विकेट निकालने का प्लान था।"
ओस नहीं बनी परेशानी
ब्रेबॉर्न में गेंदबाजों को ओस की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। चेन्नई की टीम इस मैदान पर 200 से ज्यादा के लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाई थी। इस मैच में भी ओस आने की संभावना थी और इसे कम करने के लिए अस्पा 80 का का छिंड़काव किया गया था। पंजाब और चेन्नई के मैच में पहली पारी के दौरान ओस नहीं थी और दूसरी पारी में पावरप्ले तक गेंद ज्यादा गीली नहीं हो रही थी। इसी वजह से पंजाब के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और लक्ष्य का बचाव करने में सफल रहे।