भारतीय कप्तान विराट कोहली और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन के बीच पहली भिड़ंत 2008 अंडर-19 विश्वकम में हुई थी। इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला था। विराट भारत के कप्तान और केन न्यूजीलैंड की कप्तानी कर रहे थे। इस मैच में भारत ने डकवर्थ लुईस नियम के तहत न्यूजीलैंड को तीन विकेट से हराया था, लेकिन यहां से विराट और विलियमसन की जो कहानी शुरू हुई वह युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल की तरह है।
अंडर-19 विश्वकप के सेमीफाइनल मैच में विलियमसन विराट की गेंद पर आउट हुए थे। कोहली की गेंद लेग स्टंप के बाहर जा रही थी और इसे खेलने के चक्कर में विलियमसन अपनी क्रीज से बाहर आ गए थे। विकेटकीपर ने इस मौके का फायदा उठाकर उन्हें स्टंप आउट कर दिया था। वहीं दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट भी 43 रन बनाकर आउट हो गए थे और केन विलियमसन ने उनका कैच पकड़ा था।
कैसा रहा विराट का सफर
अंडर-19 विश्वकप के बाद विराट ने भारत के लिए पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने भारत की वनडे टीम में जगह बनाई और 2012 में सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर बने। इसके बाद से विराट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 2017 और 2018 में भी यह पुरस्कार जीता। 2011 में विराट का टेस्ट कैरियर भी शुरू हुआ और चार साल के अंदर वो टीम के कप्तान भी बन गए। कप्तान के रूप में पहला मैच खेलते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में दोनों पारियों में शतक लगाया और भारत को लगभग ऐतिहासिक जीत के करीब ले गए थे।
एक दशक के बाद विराट के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 70 शतक हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में कमाल किया है। विराट पहले भारतीय कप्तान हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज जीती है। उनके कप्तान रहते भारत दशक की सबसे बेहतरीन टेस्ट टीम के रूप में उभरी है। आईसीसी रैंकिंग में भी भारत पिछले कुछ सालों में लगातार टॉप में रहा है।
क्या है विलियमसन की कहानी
केन विलियमन ने अपनी कप्तानी में कीवी टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले संस्करण में विजेता बनाया था। लॉर्डस के मैदान में केन विलियमसन की टीम ने भारत के खिलाफ फाइनल मैच जीता था। विलियमसन ने अंडर-19 वर्ल्डकप में अपनी टीम की कप्तानी करने के बाद भारत में अपने टेस्ट कैरियर की शुरुआत की और पहले ही मैच में शतक लगाया। इसके बाद सभी को यह समझ आ चुका था कि विलियमसन लंबी रेस के घोड़े हैं। इसके बाद से उन्होंने कीवी टीम के लिए कमाल की बल्लेबाजी और कप्तानी की है।
विलियमसन अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में न्यूजीलैंड के लिए 15000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीती है और 2019 वनडे वर्ल्डकप में अपनी टीम को फाइनल तक ले गए। हालांकि यहां उनकी हार बहुत विवादों में रही थी। इसके बाद न्यूजीलैंड की टीम 2021 में टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में भी पहुंची, लेकिन यहां भी खिताब नहीं जीत पाई। केन की कप्तानी में न्यूजीलैंड दुनिया की सबसे सफल टेस्ट टीम में से एक बनी। दिसंबर 2017 से लेकर 2021 तक कीवी टीम ने अपने घर में लगातार नौ टेस्ट सीरीज जीतीं।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं विराट और विलियमसन
अंडर-19 विश्वकप की शुरुआत इसी महीने से वेस्टइंडीज में होने जा रही है। इस टूर्नामेंट में खेल रहे युवा खिलाड़ी विराट कोहली और केन विलियमसन से सीख सकते हैं कि अंडर-19 विश्वकप के बाद कैसे खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संवारना है। किस तरह की चुनौतियां आएंगी और कैसे उनसे निपटना है। इन दोनों खिलाड़ियों ने बखूबी यह काम करके दिखाया है।