दरअसल, वेस्टइंडीज पारी के दौरान क्रिस्टियन क्लार्क की गेंद पर कर्क बोल्ड हो गए। वो गेंद को स्टंप्स पर मार बैठे। लेंथ बॉल को बिना अपना पैर हिलाए किर्क ड्राइव करना चाहते थे, लेकिन वो चूके और बोल्ड हो गए। उनके पैर में क्रैंप्स था और वो काफी दर्द में भी थे।
इसके बाद न्यूजीलैंड के दो खिलाड़ियों ने उन्हें अपने कंधे पर उठाकर मैदान से बाहर ले गए और खेल भावना की मिसाल का परिचय दिया, जिसका वीडियो आईसीसी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर शेयर किया गया है।
मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और कर्क मैकेंजी के 99 रनों की बदौलत 47.5 ओवर में 238 रन बनाए और पूरी टीम आलआउट हो गई। न्यूजीलैंड की तरफ से क्लार्क ने 7.5 ओवर में दो मेडेन के साथ 25 रन देकर सर्वाधिक चार विकेट चटकाए।
जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम ने खराब शुरुआत की और बिना किसी बड़ी साझेदारी के लगातार विकेट गिराते गई। टीम के एक वक्त पर 153 रन पर आठ खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। लेकिन नौंवें विकेट के लिए जोए फिल्ड और क्रिस्चियन क्लार्क ने साथ मिलकर 86 रनों की मैच जीताऊ पारी खेली और नाबाद रहते हुए टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा गए। फिल्ड ने जहां 58 गेंदों में 38 रन बनाए वहीं क्लार्क ने 42 गेंदों में 46 रन बनाए।