सवाल यह है कि जब पुराने लोकपाल नहीं हैं तो क्या लोकपाल पद पर नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति दीपक वर्मा नए सिरे से जांच करेंगे? किसी को यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि कालरा को उम्र में धोखाधड़ी के लिए सीनियर स्तर की क्रिकेट खेलने से क्यों रोका गया है।
कालरा के माता-पिता पर था आरोपः मनजोत कालरा के माता-पिता पर आरोप था कि उन्होंने अपने बेटे मनजोत कालरा को जूनियर क्रिकेट खिलाने के लिए उसकी जन्मतिथि 1999 बताई थी, जबकि उनकी असली जन्मतिथि 15 जनवरी 1998 है ना कि 15 जनवरी 1999। उस दौरान मनजोत कालरा नाबालिग की श्रेणी में थे तो इसलिए उनके माता-पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी।
डीडीसीए महासचिव विनोद तिहाड़ा ने कहा, ‘उसे क्लब मैचों में खेलने से भी रोक दिया गया है। अब उसके माता-पिता नए लोकपाल के सामने आदेश बदलने के लिए अपील करेंगे। तब तक डीडीसीए उसे रणजी ट्रॉफी के लिए नहीं चुन सकता। हम कुछ नहीं कर सकते।’
पंजाब के खिलाफ होने वाले मैच के लिए चयनकर्ताओं ने धवन और इशांत शर्मा के स्थान पर मध्यक्रम के बल्लेबाज वैभव कांडपाल कांडपाल और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर सिद्धांत शर्मा को चुना है।