विराट कोहली अभी तक खुद को टीम इंडिया का उपयुक्त कप्तान साबित नहीं कर पाए है। उन पर यंग टीम इंडिया में फिर नया जोश भरकर जीतने की चुनौती है। 20 अगस्त से शुरू होने वाले कोलंबो टेस्ट में कप्तान कोहली महेंद्र सिंह धोनी का कारनामा दोहराकर पुराने शिकवे दूर करना चाहेंगे।
कोलंबो में भारत और श्रीलंका के खिलाफ पिछले टेस्ट मैच की बात करें तो टीम इंडिया अपने पुराने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में जीत का स्वाद चख चुकी है। 3- 7 अगस्त 2010 में हुए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने बाजी मारी थी। जिसके फलस्वरुप टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज को ड्रॉ करने में सफल रही।
कोलंबों ग्राउंड का पुराना इतिहास देखें तो यह मैदान टीम इंडिया के अनुकूल नहीं रहा है। यहां ज्यादातर मैचों में बाजी श्रीलंका के हाथ लगी है। इस बार तो श्रीलंका के धाकड़ बल्लेबाज कुमार संगकारा का यह अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। लिहाजा, संगकारा ही नहीं श्रीलंकाई टीम भी इस मैच को ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
कोहली अभी तक टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए कुल 4 मैचों में एक भी मैच में जीत नहीं दिला सके हैं। गाले टेस्ट में टीम इंडिया जीत के मुहाने में खड़ी थी लेकिन खराब बल्लेबाजी और ओवरकांफिडेंस ने टीम को हार की ओर धकेल दिया। इस बार कोहली ब्रिगेड को नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने की जरुरत है।