साल 2016 में फिर से वह तस्मानिया से बाहर हो गए। इसके बाद उन्होंने अगले दो साल तक टीम में वापसी करने के लिए काफी संघर्ष किया। आखिरकार चार महीने पहले उनकी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में वापसी हुई और उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें
द. अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा दौर पर मौका दिया गया।
बता दें कि रिकी पोंटिंग के संन्यास के बाद माइकल क्लार्क और टिम पेन को नए कप्तान के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इस वक्त भी टिम को किस्मत का साथ नहीं मिला। दरअसल एक मैच के दौरान उनकी उंगली में चोट आ गई और उन्हें कुछ दिनों के लिए क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को जल्दी ही एक नए कप्तान की जरूरत थी। एक मजबूत विकल्प होने के बावजूद टिम को कप्तान नहीं बनाया गया।