भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं, लेकिन तिलक वर्मा इससे चिंतित नहीं हैं। तिलक का मानना है कि सूर्यकुमार यादव को फॉर्म में वापसी करने के लिए सिर्फ एक पारी की जरूरत है। सूर्यकुमार की खराब फॉर्म दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी जारी रही। पिछले साल टी20 विश्व कप होना है और इससे पहले कप्तान का लय में होना भारत के लिए चिंता की खबर है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खामोश रहा सूर्यकुमार का बल्ला
सूर्यकुमार पिछले लंबे समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। हालांकि, भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 3-1 से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली। टी20 विश्व कप के लिए शनिवार को भारतीय टीम का एलान भी होना है। तिलक ने पांचवें मैच के बाद सूर्यकुमार को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, मैं उनसे बस यही कह रहा था कि कुछ गेंदों को सहजता से खेलें। बस थोड़ा इंतजार करें। आपको क्रीज पर थोड़ा समय बिताना होगा।
तिलक ने कहा, अगर सूर्यकुमार को वह आत्मविश्वास हासिल हो जाता है तो हम सभी जानते हैं कि वह कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इस समय अगर वह कुछ गेंदों का सामना करते हैं, तो मैं उन्हें यह नहीं कहूंगा कि वह फील्डर के ऊपर से शॉट लगाने की कोशिश करे। लेकिन मैं उनसे यही कह रहा था कि वह खाली स्थानों पर खेलने की कोशिश करें। अगर आप ऐसा करने में सक्षम हो जाते हैं तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आपको मैदान का अच्छा अंदाजा लग जाता है। उसके बाद आप अपने शॉट खेल सकते हो। उन्हें बस एक अच्छी पारी की जरूरत है और फिर हम सभी को पता चल जाएगा कि वह कितने खतरनाक हो सकते हैं।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में इस साल सूर्यकुमार ने किया निराश
भारत के लिए सूर्यकुमार का प्रदर्शन भले ही कुछ खास न रहा हो, लेकिन आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने लगातार 16 पारियों में कम से कम 25 रन बनाए। भारत की तरफ से खेलते हुए 2025 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने 19 पारियों में 13.62 की औसत से सिर्फ 218 रन बनाए हैं और एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है।
तिलक ने बुमराह-वरुण को बताया भरोसेमंद गेंदबाज
तिलक ने कहा कि बुमराह और चक्रवर्ती इस प्रारूप में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज हैं। तिलक ने कहा, अन्य तेज गेंदबाजों की तुलना में हम सभी जानते हैं कि जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी में एक अलग ही धार है। उसी तरह मैं यह भी कहूंगा कि वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी में भी कुछ खास बात है, जिससे वह कभी भी विकेट ले सकते हैं। जब भी टीम को विकेट की जरूरत होती है, ये दोनों भरोसेमंद गेंदबाज होते हैं। वे अपेक्षा पर पूरी तरह से खरा उतरते हैं। वरुण ने पूरी श्रृंखला में यह साबित किया है। खासकर आज जब हम दबाव में थे, तब उन्होंने एक ही ओवर में दो विकेट लिए।