हमले में मारे गए तीन अफगान क्रिकेटर्स
- फोटो : एक्स/एसीबी ऑफिशियल्स
शनिवार सुबह अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने एक हृदयविदारक खबर की पुष्टि की, पाकिस्तान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक में अफगानिस्तान के तीन उभरते क्रिकेटर कबीर , सिबघतुल्लाह और हारून की मौत हो गई। ये तीनों खिलाड़ी अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत पक्तिका के रहने वाले थे और घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेल रहे थे। एसीबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की। बोर्ड ने साथ ही यह भी घोषणा की कि वह अगले महीने होने वाली त्रिकोणीय सीरीज, जिसमें पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल थे, से वापस हट रहा है।
'हमारे क्रिकेटर ही नहीं, हमारे बेटे थे'
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लिखा, 'हमने तीन युवा खिलाड़ियों को खो दिया है, जो देश के भविष्य थे। पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक ने केवल हमारे क्रिकेट को ही नहीं, बल्कि हमारे सपनों को भी नष्ट किया है।' टीम के कप्तान राशिद खान ने भी एसीबी के फैसले का समर्थन किया और X पर लिखा, 'मैं बोर्ड के निर्णय का स्वागत करता हूं। पाकिस्तान का नागरिकों पर हमला निंदनीय है। खेल हमेशा शांति का प्रतीक रहा है, लेकिन निर्दोषों की जान लेना अस्वीकार्य है।'
कौन थे कबीर, सिबघतुल्लाह और हारून?
अफगानिस्तान बोला 'अमानवीय हरकत बर्दाश्त नहीं
- फोटो : Twitter ACB
कबीर
कबीर, जिन्हें स्थानीय तौर पर कबीर आघा कहा जाता था, पक्तिका के उरगुन जिले से थे। वह आक्रामक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज थे और हाल ही में एसीबी की साउदर्न क्रिकेट कमिटी द्वारा आयोजित युवा टूर्नामेंटों में चमके थे। उनका चयन अफगानिस्तान अंडर-23 प्रांतीय कैंप (2026) के लिए लगभग तय माना जा रहा था। जिले की युवा लीगों में उनकी निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें स्थानीय स्टार बना दिया था।
सिबघतुल्लाह
सिबघतुल्लाह मीडियम-फास्ट बॉलर थे और उरगुन वॉरियर्स क्लब के लिए खेलते थे। अपने तेज इनस्विंग और अनुशासित बॉलिंग के लिए जाने जाते थे। पिछले साल की पक्तिका प्रीमियर लीग में वह कप्तानी के मजबूत दावेदारों में से एक थे। उनके कोचों ने उन्हें लीडरशिप स्किल वाला खिलाड़ी बताया, जो क्षेत्र के जूनियर गेंदबाजों को ट्रेनिंग देने में भी सक्रिय रहते थे।
हारून
हारून एक ऑलराउंडर थे। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ-स्पिनर थे। उन्होंने पक्तिका की स्थानीय टी20 और टेप-बॉल लीगों में अपनी प्रतिभा दिखाई थी। हाल ही में उन्होंने प्रांतीय डेवलपमेंट कैंप जॉइन किया था और उन्हें उरगुन जिले का सबसे बहुमुखी खिलाड़ी माना जाता था। क्रिकेट के साथ-साथ वह कॉलेज की पढ़ाई भी जारी रखे हुए थे।
खेल के मैदान से शांति के संदेश तक
इन तीनों खिलाड़ियों की मौत ने अफगानिस्तान के क्रिकेट समुदाय को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों और फैंस ने इसे खेल के नाम पर सबसे बड़ा नुकसान बताया।एसीबी का कहना है कि यह घटना केवल अफगानिस्तान के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत के लिए एक गहरा झटका है।