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जडेजा रन आउट विवाद में बड़ा खुलासा, भारतीय कप्तान विराट कोहली गलत साबित!

Tue, 17 Dec 2019 07:54 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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जडेजा का रनआउट विवाद - फोटो : ट्विटर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच चेन्नई में खेले गए पहले वन-डे में भारतीय खिलाड़ी रवींद्र जडेजा के रन आउट पर खासा विवाद हो गया था। पारी के दौरान अंपायर जॉर्ज ने जडेजा को शुरुआत में तो रन आउट नहीं दिया था, लेकिन कैरेबियाई खिलाड़ियों के विरोध के बाद उन्होंने यह मामला तीसरे अंपायर के हवाले किए, जिसके बाद जडेजा आउट दिए गए। मैच के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इसे इशारों-इशारों में नियम के खिलाफ बताया था। अब दूसरे वन-डे से ठीक पहले एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जो भारतीय कप्तान को गलत साबित करने के लिए काफी है।
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जडेजा रनआउट विवाद - फोटो : ट्विटर
अगर आईसीसी के नियम और ईएसपीएन क्रिकइंफो का दावा मानें तो जडेजा मामले में वेस्टइंडीज या अंपायर नहीं बल्कि भारतीय कप्तान विराट कोहली गलत हैं। दरअसल विराट का मानना था कि वेस्टइंडीज के ड्रेसिंग रूम से सिग्नल मिलने के बाद पोलार्ड ने अंपायर जॉर्ज से अपील की थी। मगर वेबसाइट ईएसपीएन का दावा है कि पूरे मामले में खुद तीसरे अंपायर ने हस्तक्षेप किया था।
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जडेजा रनआउट - फोटो : ट्विटर
जब अंपायर जॉर्ज ने रोस्टन चेज की अपील को नकारा तो उसके बाद खुद थर्ड अंपायर रॉड टकर ने मैदानी अंपायर से संपर्क साधा और उन्हें बताया कि ये मामला थोड़ा करीबी है और आप तीसरे अंपायर को फैसला देने के लिए इशारा कीजिए। रीप्ले में दिखाई दिया कि जडेजा आउट थे। इस बात से साफ है कि वेस्टइंडीज के ड्रेसिंग रूम से पोलार्ड को कोई इशारा नहीं किया गया था।
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जडेजा रनआउट - फोटो : ट्विटर
मैच के बाद विराट कोहली ने ये भी कहा था कि अगर एक बार अंपायर ने नॉट आउट कह दिया तो गेंद वहीं डेड हो जाती है, जबकि आईसीसी के नियम 31.3 के मुताबिक अपील का टाइम तब तक मान्य है जब तक गेंदबाज अगली गेंद के लिए रनअप नहीं लेता। अगर गेंदबाज ने रनअप नहीं लिया है या दूसरी गेंद नहीं फेंकी गई है, तब तक टीम अपील कर सकती है और फैसले पर विचार किया जा सकता है।
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