भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ का कहना है कि टेस्ट मैच क्रिकेट में जीवन का संचार करते हैं।
ईएसपीएन क्रिकइंफो डॉट कॉम की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में द्रविड़ ने कहा कि टेस्ट मैचों को लगातार बढ़ावा देना बेहद जरूरी है क्योंकि इसी पर क्रिकेट का आधार टिका है।
लिहाजा घरेलू और टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही क्रिकेट के नए स्वरूप खिलाड़ियों को समृद्ध बनाने के लिए जरूरी हैं।
टी-20 से नए शॉट्स सामने आए
द्रविड़ ने यह भी कहा कि ट्वंटी-20 क्रिकेट सिर्फ इसलिए नहीं जरूरी है कि क्योंकि इससे खिलाड़ियों की आय बढ़ रही है और वे बेहतर तरीके से खेल में अपना ध्यान लगा पा रहे हैं बल्कि यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे क्रिकेट में नए शॉट्स सामने आ रहे हैं। इससे क्रिकेट में रचनात्मकता बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि ट्वंटी-20 क्रिकेट फास्ट फूड की तरह है और टेस्ट मैच सलीके से बैठकर खाया जाने वाला पारंपरिक व्यंजन। जीवन में दोनों जरूरी हैं। ये दोनों एक-दूसरे के साथ बने रह सकते हैं।
इस संबंध में लगातार बहस चलती रहती है कि टेस्ट मैचों को ट्वंटी-20 से खतरा है लेकिन यह जानना जरूरी है कि दोनों एक लिहाजा से एक-दूसरे के पूरक भी हैं।
द्रविड़ ने अपने व्याख्यान में प्रथम श्रेणी और टेस्ट मैचों को बनाए रखने पर जोर दिया और साथ ही साथ वनडे और ट्वंटी-20 क्रिकेट को आमदनी के जरिये के रूप में अनिवार्य बताया।
बकौल द्रविड़, ‘टेस्ट मैच एक तरह से क्रिकेट रूपी वृक्ष का तना है और क्रिकेट के नए स्वरूप ट्वंटी-20 और वनडे इसकी डालियां हैं। एक पेड़ की डाली पर ही फल लगते हैं। तना असल में जीवन का संचार करता है क्योंकि इसी के माध्यम से डालियों को जीवन मिलता है।