3 मार्च 2009, यह वह काली तारीख है, जिस दिन पाकिसन में श्रीलंकाई टीम पर आतंकवादी हमला हुआ था। कई श्रीलंकाई खिलाड़ी बाल-बाल बचे थे, तब से दुनिया की हर टीम पाकिस्तान का दौरा करने से कतराती रही है। इस दाग से पड़ोसी मुल्क अभी उबर ही नहीं पाया था कि एक बार फिर आतंकियों ने एक क्रिकेट मैच को अपना निशाना बनाया है।
खबर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से है, जहां ओराक्जई जिले में एक क्रिकेट टूर्नामेंट ने फाइनल मैच के दौरान भव्य समापन समारोह में तोड़फोड़ की गई। भारी संख्या में मौजूद दर्शक, राजनीतिक कार्यकर्ता और मीडियाकर्मियों के मौजूदगी में अंधाधुंध गोलियां चलाईं।