भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ पिछले साल के अंत में टीम इंडिया के मुख्य कोच बने थे। उनके कोच बनने के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर सभी जीते, लेकिन विदेश में हार मिली। इसके बाद कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट ने कहा कि द्रविड़ को विदेश में बतौर कोच खुद को साबित करना होगा। इस पर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने द्रविड़ का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि द्रविड़ में सफल होने के सभी गुण हैं। वे एक सफल कोच साबित होंगे।
द्रविड़ को पहली बार पिछले साल जुलाई में श्रीलंका के दौरे पर टीम इंडिया का कोच बनाया गया था। तब रवि शास्त्री के साथ मुख्य टीम इंग्लैंड में थी। नवंबर में टी20 वर्ल्ड कप समाप्त होने के बाद रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो गया। उनकी जगह राहुल द्रविड़ को कोच बनाया गया। पूर्णकालिक कोच के रूप में द्रविड़ को सबसे पहले न्यूजीलैंड की चुनौती मिली थी। टीम इंडिया टेस्ट और टी20 सीरीज में जीती थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट और वनडे सीरीज में हाल मिली। फिर भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को वनडे और टी20 में हराया। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट और टी20 सीरीज में जीत हासिल की।
गांगुली ने कहा, ‘‘द्रविड़ शुरू से ही प्रखर, सतर्क और पेशेवर हैं। अब सिर्फ इतना अंतर हैं कि उन्हें तीसरे नंबर पर उतरकर अब बल्लेबाजी नहीं करनी है। बल्लेबाजी के दौरान उन्हें दुनिया खतरनाक गेंदबाजों का सामना करना पड़ता था। द्रविड़ ने अपनी इस भूमिका को शानदार तरीके से निभाया था। वे निष्ठावान और क्षमतावान हैं। मुझे उम्मीद है कि कोच के रूप में वे शानदार काम करेंगे।’’
द्रविड़ को कोच पद के लिए तैयार करने में गांगुली की भूमिका अहम रही थी। बीसीसीआई के अध्यक्ष ने कहा कि वे अन्य लोगों की तरह गलतियां करेंगे। आप जब सही काम करने की कोशिश करते हैं तो अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा सफल होते हैं। गांगुली ने कहा कि शास्त्री और द्रविड़ में तुलना नहीं हो सकती है। दोनों का व्यक्तित्व और अंदाज अलग है।
गांगुली ने कहा, ‘‘दोनों का व्यक्तित्व अलग है। इनमें से एक हमेशा में चर्चा में रहता है। वहीं, दूसरा सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में एक है। वह चुपचाप काम करता है। दो लोग कभी भी एक तरह से सफल नहीं हो सकते हैं।’’