टीम इंडिया के सिक्सर किंग के नाम से मशहूर और स्टार आलराउंडर युवराज सिंह को ग्वालियर के आईटीएम विश्वविद्यालय ने ‘डॉक्टरेट इन फिलोसिफी होनोरिस कॉसा (पीएचडी एच.सी)’ की उपाधि से सम्मनित किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक युवराज को यह सम्मान स्टेडियम में असाधारण खेल कौशल दिखाने के अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निजात पाने के बाद दूसरों को हौसला देने के लिये दिया गया।
विश्वविद्यालय ने युवराज के साथ-साथ डॉ. ए.एस. कुमार, गोविंद निहलानी (फिल्म जगत), डॉ. अशोक वाजपेयी (कविता), रजत शर्मा (मीडिया), डॉ. आर.ए. माशलेकर (विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी) और अरुणा रॉय (सामाजिक कार्य) को भी इस उपाधि से नवाजा है।
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इस मौके पर युवराज ने कहा, “मैं इस उपाधि से नवाजे जाने पर काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस क्रम में उपाधि के साथ मुझ पर एक अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है।” युवराज ने अपने करियर में 400 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और उनमें 10,000 से अधिक रन बनाए हैं। साल 2007 में युवराज ने टी-20 वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वो 2011 वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी रहे थे।
बता दें कि क्रिकेट से हटकर युवराज ने सामाजिक कार्यो में अपनी हिस्सेदारी दी है। कैंसर की बीमारी से जूझने और इससे बाहर निकलने के बाद 2012 में बॉम्बे ट्रस्ट अधिनियम 1950 के तहत उन्होंने ‘यू वी केन’ संस्था की शुरुआत की थी। इस संस्था का लक्ष्य कैंसर से पीड़ित लोगों की मदद करना और उन्हें इस बीमारी से लड़ने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही यह संस्था कैंसर पीड़ितों की वित्तीय सहायता के लिए धन भी जुटाती है।
मालूम हो कि युवराज सिंह फिलहाल टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। वो टीम में वापसी के लिए अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं।