टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वन-डे सीरीज रोमांचक मोड़ पर है। दोनों टीमें इस समय 1-1 की बराबरी पर है और कानपुर में रविवार को होने वाले निर्णायक मैच में सीरीज के विनर का पता चलेगा।
विज्ञापन
कीवी टीम ने पहला मैच 8 विकेट से जीता तो वहीं टीम इंडिया ने दमदार वापसी करते हुए दूसरा वन-डे 6 विकेट से जीत लिया। टीम इंडिया के पास लगातार 7वीं वन-डे सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। अगर कोहली ब्रिगेड इन 5 बातों का ध्यान रखे तो निश्चित ही सीरीज जीत का सुपर-7 बनाने में कामयाब हो जाएगी:
रोहित से बड़ी पारी की उम्मीद
रोहित शर्मा
- फोटो : BCCI
अगर टीम इंडिया को आखिरी वन-डे जीतना है तो 'हिटमैन' रोहित शर्मा को बड़ी पारी खेलना होगी। टीम उन पर अच्छी शुरुआत के लिए निर्भर है। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहले दो मैचों में क्रमशः 20 व 7 रन बनाए। अब सीरीज के तीसरे व अंतिम मैच में उनसे बड़ी पारी पारी की उम्मीद रहेगी।
टीम से न हो कोई छेड़छाड़
टीम इंडिया
टीम इंडिया ने पुणे में खेले गए दूसरे वन-डे में जो टीम खिलाई, उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं करने की जरुरत नहीं है। कप्तान विराट कोहली का कुलदीप यादव की जगह अक्षर पटेल को खिलाने का फैसला सही साबित हुआ, जिन्होंने जबर्दस्त स्वीप शॉट खेलने वाले टॉम लैथम को क्लीन बोल्ड किया था। जाधव ने भी उपयोगी गेंदबाजी की थी। पुणे वन-डे में टीम इंडिया का गेंदबाजी व बल्लेबाजी क्रम अच्छा नजर आया और ऐसे में निर्णायक मैच के लिए किसी प्रकार के फेरबदल की जरुरत नहीं दिखती।
फील्डिंग का स्तर सुधारने की जरुरत
विराट कोहली
- फोटो : ESPN
पिछले दो मैचों में टीम इंडिया की फील्डिंग स्तर के अनुरूप नजर नहीं आई। पहले मैच में कप्तान कोहली ने टॉम लैथम का कैच टपकाया, जिसका फायदा उठाते हुए कीवी ओपनर ने शानदार शतक जड़कर टीम को जीत दिलाई थी।
फिर दूसरे वन-डे में धोनी ने लैथम का कैच छोड़ दिया था। जब टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी कैच छोड़ेंगे तो अन्य खिलाड़ियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसलिए तीसरे मैच में मेन इन ब्लू को इस बात का ख्याल रखना होगा।
धोनी और जाधव को भी दिखाना होगा दम
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : ESPN
महेंद्र सिंह धोनी को एक बार फिर बाहुबली अवतार दर्शाने की जरुरत होगी। वो टीम के मेंटर होने के साथ-साथ प्रमुख बल्लेबाज भी हैं। पहले वन-डे में धोनी ने 25 और दूसरे वन-डे में नाबाद 18 रन बनाए।
अगर तीसरे वन-डे में उन्हें बल्लेबाजी का पर्याप्त मौका मिले तो 'कूल धोनी' को बेहतरीन पारी खेलकर दिखाना होगी। वहीं जाधव ने गेंद से जरूर सटीक प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो टीम में बतौर बल्लेबाज खेल रहे हैं। जाधव ने पहले वन-डे में महज 12 रन की पारी खेली जबकि दूसरे मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।
दिनेश कार्तिक के बल्लेबाजी क्रम में नहीं हो फेरबदल
दिनेश कार्तिक
- फोटो : bcci
दिनेश कार्तिक ने दूसरे वन-डे में नाबाद 64 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया के चौथे क्रम की समस्या को बहुत हद तक दूर कर दिया है। अब कप्तान कोहली और टीम प्रबंधन को समझना होगा कि उनके बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़ नहीं हो ताकि वो 2019 वर्ल्ड कप के लिए इस क्रम पर अपने आप को स्थापित कर ले।
32 वर्षीय कार्तिक तकनीकी रूप से दक्ष हैं और उन्हें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली व हरभजन सिंह का भी समर्थन प्राप्त है। टीम इंडिया ने अगर इन 5 बातों का ध्यान रखा तो कोहली ब्रिगेड जीत का डंका बजाने में कामयाब रहेगी।