भारतीय चयनकर्ता दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो अक्तूबर से शुरू हो रही टी-20 और अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों की सीरीज के लिए रविवार को जब चयन करेंगे तो तीन महीने बाद एक बार फिर सभी की नजरें भारत के सीमित ओवरों की क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर टिक जाएंगी।
ऐसी संभावनाएं भी हैं कि विराट कोहली को टीम इंडिया की बागडोर मिले। क्योंकि कोहली इस वक्त टीम के टेस्ट कप्तान हैं। चयनकर्ता यह चाहते भी हैं कि टीम इंडिया को टेस्ट, वनडे और टी-20 सभी में एक ही कप्तान मिले। हालांकि धोनी ही टी-20 और वनडे के कप्तान में ज्यादा प्रबल उम्मीदवार हैं।
वहीं, धोनी और चयनकर्ताओं का फोकस आगामी टी-20 वर्ल्ड कप पर होगा जो पांच महीने बाद भारत की ही मेजबानी में आयोजित किया जाएगा। धोनी ने सीरीज के लिए अच्छी शुरुआत करते हुए दो दिन पहले लंदन के द ओवल में चैरिटी मैच के दौरान 38 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
युवा खिलाड़ियों पर होगा टीम में बने रहने का दबाव
भारत ने पिछली सीमित ओवरों की सीरीज जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली थी जहां अजिंक्य रहाणे की अगुआई में दूसरे दर्जे की टीम को भेजा गया था। इस टीम में सात शीर्ष खिलाड़ी नहीं थे। अब महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन सभी फिट हैं।
ऐसे में कुछ युवा खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ियों के लिए जगह बनानी होगी। सिर्फ ओपनर शिखर धवन की चोट चिंता का सबब है जोकि हाथ में फ्रेक्चर होने के बाद फिट होने की प्रक्रिया में है। उन्हें फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा।
ओपनर मुरली विजय जोकि टेस्ट विशेषज्ञ हैं, उन्होंने जिम्बाब्वे दौरे में अच्छा प्रदर्शन किया था। वह भी चाहेंगे कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी उपयोगिता फिर से साबित करें। छोर बदलने के मामले में कप्तान धोनी की पसंद रहाणे की जगह अंबाती रायडू हो सकते हैं।
पिछला प्रदर्शन हरभजन को दे सकता है झटका
ऑफ स्पिनर अश्विन का चयन तो तय है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरे स्पिनर के रूप में अनुभवी हरभजन को मौका मिलता है या नहीं। आईपीएल में हरभजन विकेट लेने और रनों पर अंकुश लगाने की भूमिका पर कई बार कसौटी पर खरे उतरे हैं। लेकिन श्रीलंका में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावी नहीं रहा। पर उनके टीम में बने रहने की संभावनाएं अभी बनी हुई है।
रवींद्र जडेजा को जिम्बाब्वे के खिलाफ दौरे में नजरंदाज किया गया लेकिन आगामी सीरीज में उन पर विचार होने की संभावना है। तेज गेंदबाजों में एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित इशांत शर्मा चयनकर्ताओं की योजनाओं में शामिल होंगे।
वैसे कप्तान धोनी का भरोसा मोहित शर्मा और भुवनेश्वर कुमार पर रहा है। धवल कुलकर्णी विकल्प के तौर पर रखे जा सकते हैं। तेज वरुण ऐरोन और उमेश यादव का प्रदर्शन अनियमित रहता है लेकिन लंबी सीरीज में अलग कंबीनेशन आजमाने के लिए उन्हें भी मौका मिल सकता है।
टी-20 में बेहतर रिकॉर्ड रखने वाले केदार जाधव और मनीष पांडेय को भी मौका मिल सकता है। नए चेहरों में पंजाब के ऑलराउंडर गुरकीरत सिंह मान और कर्नाटक के मयंक अग्रवाल पर भी निगाहें होंगी जिन्होंने भारत ए के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है।