टीम इंडिया ने पहले टेस्ट में केएल राहुल को मौका देने के इरादे से टेस्ट स्पेशलिस्ट चेतेश्वर पुजारा को बाहर बैठाया। यह कदम इसलिए लिया गया ताकि शिखर धवन और केएल राहुल को एकसाथ खेलने का मौका मिल सके।
कोहली का यह फैसला उन पर भारी पड़ गया क्योंकि धवन और राहुल का बल्ला दोनों पारियों में खामोश रहा। धवन ने अहम मौके पर कैच भी टपकाया। इसलिए रवि शास्त्री और विराट कोहली को दूसरे टेस्ट में पुजारा को मौका देने के लिए फैसला लेना होगा।
वैसे, पुजारा का हाल ही में काउंटी क्रिकेट में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। यही वजह रही कि टीम प्रबंधन ने पुजारा की जगह आक्रामक बल्लेबाजों केएल राहुल और शिखर धवन को मौका दिया। हालांकि, राहुल और धवन ने पहले टेस्ट में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसे देखते हुए पुजारा को दूसरे टेस्ट में मौका देना जरूरी लग रहा है क्योंकि वह क्रीज पर जमना जानते हैं।
टीम इंडिया ने पहले टेस्ट में ऐसा दर्शाया, जैसे वह पूरी तरह कप्तान विराट कोहली पर निर्भर है। एजबेस्टन में विराट कोहली को छोड़ कोई बल्लेबाज प्रभाव नहीं दिखा सका। जेम्स एंडरसन ने ऑफस्टंप के बाहर की लाइन पर भारतीय बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। उन्होंने कोहली को भी परेशान किया, लेकिन भारतीय कप्तान ने किला लड़ाते हुए शानदार पारियां खेली।
भारतीय बल्लेबाजों को दूसरे टेस्ट में अपनी जिम्मेदारी समझना होगी और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अजिंक्य रहाणे का विदेश में प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन पहले टेस्ट में वो कोई कमाल नहीं दिखा सके। विश्व की नंबर-1 टेस्ट टीम भारत को अपने आप को साबित करने की जरूरत है और इसके लिए वह अपने बल्लेबाजों पर निर्भर है। लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों को बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा ताकि टीम अपना दबदबा कायम रख सके।
यह मायने नहीं रखता कि अभ्यास के दौरान आप कितने कैच लेते हैं। मायने वो रखता है कि आप मैच में कैच लेते हैं या नहीं। टीम इंडिया के फील्डिंग स्तर में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार जरूर हुआ है, लेकिन स्लिप फील्डिंग अभी चिंता का क्षेत्र बना हुआ है।
शिखर धवन ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में कैच टपकाया जो मैच का टर्निंग पॉइंट भी माना गया, दिसम्बर 2013 से भारतीय स्लिप फील्डरों ने स्पिनर्स की गेंदों पर 47 कैच जबकि तेज गेंदबाजों की गेंदों पर 36 कैच टपकाए।
टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि कैच से मैच जीत सकते हैं। टीम इंडिया को दूसरे टेस्ट में इस समयसा का समाधान करना होगा ताकि जीत दर्ज कर सके।
टीम इंडिया के गेंदबाजों ने एजबेस्टन में इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाजों को क्रीज पर जमने का मौका दिया, जो उसकी हार का सबसे बड़ा कारण बनी। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 87 रन के स्कोर पर 7 विकेट खो चुकी थी। मगर भारतीय गेंदबाजों की ढिलाई के चलते उसने 180 रन बनाए और मेहमान टीम के सामने 194 रन का लक्ष्य रखा।
इंग्लैंड के सैम करन 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और सिर्फ 65 गेंदों में 63 रन की पारी खेलकर टीम को फ्रंटसीट पर ले आए। भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट में इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि पुछल्ले बल्लेबाजों को क्रीज पर जमने का मौका न दे और जल्दी समेटकर मैच पर अपना कब्जा जमा ले।