कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करके युवा खिलाड़ियों को सीख देनी चाहिए। इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज और अब पाकिस्तान के हाथों वन-डे सीरीज में हार से भारत का अपनी सरजमीं पर विजयी बने रहने का रिकॉर्ड भी टूट गया।
बकौल धोनी, ‘जब आप बदलाव के दौर से से गुजरते हो तो तब आप चाहते हो कि आपके सीनियर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करके युवा खिलाड़ियों को सिखाने में मदद करें। दो तीन विकेट गिरने पर कोई ऐसा होना चाहिए जो दबाव झेल सके और पारी को संवारने का काम करें। पाकिस्तान के खिलाफ छह जनवरी को फिरोजशाह कोटला में होने वाले तीसरे और आखिरी वन-डे में जीत दर्ज करनी है तो बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘यदि वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगे तो युवाओं पर दबाव बढ़ेगा। बल्लेबाजी इकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन करना अहम है। जिम्मेदारी लेना और जिम्मेदारी में हिस्सा बांटना अहम है। हार के बाद खिलाड़ी दुखी थे। आपको शांतचित बने रहकर सोचना होगा कि आगे क्या करने की जरूरत है। हार का सटीक कारण बता पाना मुश्किल है। आप आकर सीधे खिलाड़ियों पर दोष नहीं मढ़ सकते। आखिर में हम टीम हैं और हम टीम के तौर पर हारे हैं। इकाई के रूप में आपको हार स्वीकार करनी होगी। यह चुनौती है कि केवल एक व्यक्ति ही यहां आ सकता है और मैं उनकी अगुआई करता हूं। मैंने पिछली बार भी कहा था मुझे पंचिंग बैग (आलोचना सहना) अच्छा लगता है।’