वर्ल्ड कप सिर पर खड़ा है और जो हालात टीम इंडिया में बन पड़े हैं वह शुभ संकेत नहीं हैं। सच्चाई यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की हलचल से टीम इंडिया भी प्रभावित है।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास के बाद गुटबंदी की खबरें उभरकर सामने आईं थीं। इस धड़ेबंदी को उस वक्त बल मिल गया जब टीम के एक सीनियर और अहम खिलाड़ी ने धोनी के खिलाफ अखबार में चली खबर को न सिर्फ रीट्वीट किया बल्कि उसे फेवर भी किया।
लगभग एक माह पुरानी खबर को इस खिलाड़ी ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रीट्वीट किया। यही नहीं टीम इंडिया में सुप्रीम कोर्ट के फैसले किस तरह की उथल-पुथल मची है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा को टीम के कई खिलाड़ियों ने खुद फोन कर बधाई दी, साथ ही उनके प्रयासों को सराहा।
टीम में श्रीनिवासन कैंप से खुश नहीं ज्यादातर खिलाड़ी
टीम इंडिया के इस वरिष्ठ खिलाड़ी की ओर से भारतीय वनडे कप्तान धोनी के खिलाफ चली खबर को रीट्वीट करने के बाद यह दो दिनों तक उनके एकाउंट पर पड़ी रही, लेकिन जैसे ही इसको लेकर सुगबुगाहट बढ़ी शनिवार की शाम अचानक इसे हटा दिया गया। जिस खबर पर रीट्वीट और फेवर किया गया उसका शीर्षक ‘क्या महेंद्र सिंह धोनी मुद्गल कमेटी रिपोर्ट के रहस्यमयी नंबर दो हैं?’ था।
हालांकि खिलाड़ी की ओर से किए गए रीट्वीट की कॉपी अमर उजाला के पास मौजूद है। यही नहीं आदित्य वर्मा ने अमर उजाला से खुलासा किया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्हें आस्ट्रेलिया से टीम इंडिया के कुछ सदस्यों ने फोन पर बधाई भी दी है, लेकिन वह उन नामों का खुलासा नहीं करेंगे।
वर्मा कहते हैं कि टीम के सदस्यों का बधाई देने से साफ है कि श्रीनिवासन कैंप से टीम के कई सदस्य खुश नहीं थे। वह यह भी कहते हैं कि यह तो कुछ नहीं है। एक बार जांच पटरी पर आ जाए उसके बाद कई अन्य रहस्य खुलकर सामने आएंगे। धोनी के संन्यास के बाद टीम में धड़ेबंदी की खबरें सामने आई थीं। हालांकि रवि शास्त्री ने बाद में इनका खंडन किया, लेकिन इन खुलासों से साफ लग रहा है कि टीम में कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ जरूर चल रहा है, जिसका असर वर्ल्ड कप में दिखाई पड़ सकता है।