अश्विन को फाइनल के लिए प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था। कप्तान रोहित ने टॉस के वक्त कहा था कि अश्विन जैसे गेंदबाज को प्लेइंग-11 से बाहर रखना मुश्किल है, लेकिन उन्हें टीम के हित को देखते हुए यह फैसला करना पड़ रहा है। हालांकि, रोहित का यह फैसला बैकफायर हुआ और टीम को पहले दिन से ही अश्विन की कमी खली।
भारतीय टीम मैनेजमेंट के रविचंद्रन अश्विन को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में नहीं खिलाने के फैसले पर सुनील गावस्कर ने एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- किसी अन्य टॉप क्लास भारतीय क्रिकेटर के साथ अश्विन की तरह चौंकाने वाला व्यवहार नहीं किया गया है।
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गावस्कर ने अंग्रेसी अखबार मिड-डे से कहा- आप बताइए अगर आपके पास वर्ल्ड नंबर वन आईसीसी रैंकिंग वाला बैटर होता। अगर वह पिछले कुछ समय से घास वाली पिचों पर रन नहीं बना पाया हो या स्पिन की मददगार पिच पर रन न बना पाया हो तो क्या उसे टीम से बाहर कर दिया गया होता? बिल्कुल नहीं।
दरअसल, अश्विन को फाइनल के लिए प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था। कप्तान रोहित ने टॉस के वक्त कहा था कि अश्विन जैसे गेंदबाज को प्लेइंग-11 से बाहर रखना मुश्किल है, लेकिन उन्हें टीम के हित को देखते हुए यह फैसला करना पड़ रहा है। हालांकि, रोहित का यह फैसला बैकफायर हुआ और टीम को पहले दिन से ही अश्विन की कमी खली। नतीजा यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा किया। यहीं से टीम इंडिया बैकफुट पर चली गई थी। सिर्फ गावस्कर नहीं बल्कि, सौरव गांगुली, रिकी पोंटिंग और माइकल वॉन तक ने अश्विन को न खिलाने को भारी भूल बताया था।
रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : अमर उजाला
मैच में क्या हुआ?
मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 469 रन बनाए। एक वक्त कंगारुओं ने 76 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ ने 285 रन की साझेदारी निभाई और भारत की पकड़ से मैच को दूर ले गए। ट्रेविस ने 163 रन और स्मिथ ने 121 रन की पारी खेली। वहीं, एलेक्स कैरी ने 48 रन बनाए। जवाब में भारत की पहली पारी 296 रन पर सिमट गई। एक वक्त टीम इंडिया ने 71 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि टीम फॉलोऑन भी नहीं बचा पाएगी। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने 48 रन, अजिंक्य रहाणे ने 89 रन और शार्दुल ठाकुर ने 51 रन की पारी खेल भारत को फॉलोऑन से बचाया। ऑस्ट्रेलिया को 173 रन की बढ़त मिली।
रोहित-पुजारा खराब शॉट खेलकर आउट हुए
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 270 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। मार्नस लाबुशेन ने 41 रन, एलेक्स कैरी ने नाबाद 66 रन और मिचेल स्टार्क ने 41 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर 443 रन की बढ़त बनाई और 444 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में रोहित-शुभमन गिल ने टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने 41 रन जोड़े। शुभमन 18 रन बनाकर विवादित कैच आउट का शिकार बने। इसके बाद रोहित और पुजारा ने संभल कर बल्लेबाजी की और 51 रन की साझेदारी निभाई। हालांकि, लगातार दो ओवर में दोनों के विकेट ने टीम इंडिया को संकट में डाल दिया।
जडेजा-शार्दुल खाता भी नहीं खोल सके
रोहित (43) और पुजारा (27) दोनों खराब शॉट खेलकर आउट हुए। 93 रन तक टीम इंडिया के तीन विकेट गिर गए थे। चौथे दिन इसके बाद विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया और नाबाद पवेलियन लौटे। पांचवें दिन कोहली भी खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। वह 49 रन बनाकर आउट हुए। कोहली और रहाणे ने चौथे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी निभाई। रवींद्र जडेजा और शार्दुल ठाकुर खाता भी नहीं खोल सके। भरत 23 रन, उमेश एक रन और सिराज एक रन बनाकर आउट हुए। रहाणे ने 46 रन की पारी खेली। इस तरह भारत की पूरी पारी 234 रन पर समाप्त हो गई और टीम इंडिया को 209 रन से हार का सामना करना पड़ा।