भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल मौजूदा इंग्लैंड दौरे के बाद समाप्त होने जा रहा है और उनके दोबारा एक्सटेंशन मिलने की संभावना बेहद कम है। वहीं, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आगे भी अपने साथ बनाए रखना चाहता है।
फील्डिंग कोच टी. दिलीप के साथ डेशकाटे
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टी. दिलीप को नहीं मिल सकता नया कार्यकाल
टी. दिलीप पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे। 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद जब राहुल द्रविड़, विक्रम राठौड़ और पारस म्हाम्ब्रे का कार्यकाल समाप्त हुआ, तब दिलीप ही ऐसे सदस्य थे जिन्हें टीम में बरकरार रखा गया। 2025 में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद बीसीसीआई ने उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया था, लेकिन अब उनके अनुबंध को आगे बढ़ाए जाने की संभावना नहीं के बराबर मानी जा रही है।
फील्डिंग प्रदर्शन में गिरावट बनी वजह
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया, पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। इसी वजह से बीसीसीआई सपोर्ट स्टाफ में बदलाव कर नई शुरुआत करना चाहता है। टी. दिलीप अपने प्रेरणादायक भाषणों और हर मैच के बाद खिलाड़ियों को दिए जाने वाले 'बेस्ट फील्डर मेडल' की शुरुआत के लिए काफी लोकप्रिय रहे हैं। उनकी यह पहल खिलाड़ियों के बीच काफी पसंद की गई थी।
मोर्ने मोर्कल
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मोर्कल और डेशकाटे पर बीसीसीआई का भरोसा
मुख्य कोच गौतम गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे का दो वर्षीय कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। हालांकि, उनके अनुबंध में एक्सटेंशन का प्रावधान मौजूद है। बीसीसीआई दोनों को आगे भी टीम के साथ बनाए रखने के पक्ष में है। पिछले दो वर्षों में मोर्केल की देखरेख में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। वहीं, डेशकाटे ने अपनी स्पष्ट सोच, ईमानदार विश्लेषण और खेल की गहरी समझ से टीम प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है।
आगे बड़े टूर्नामेंटों पर नजर
भारत को इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम सीरीज खेलनी है, जबकि इसके बाद दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियां भी शुरू होंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि गौतम गंभीर अपने भरोसेमंद सहयोगियों मोर्कल और डेशकाटे को टीम के साथ बनाए रखना चाहेंगे।