सूत्रों की मानें तो बनते-बदलते समीकरणों में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) में पिछली बार भी सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया के हेड कोच के लिए रवि शास्त्री के नाम की सिफारिश की थी। तब सचिन तेंदुलकर कर अकेले पड़ गए थे। तब सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण द्वारा अनिल कुंबले के नाम की सिफारिश करने पर एक बरस के लिए उन्हे भारत का हेड कोच कोच नियुक्त किया गया था।
जो खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक तब शास्त्री का विरोध करने वाले सीएसी के अहम सदस्य सौरभ गांगुली अब इस मसले पर अलग पड़ते से नजर आ रहे हैं। बीसीसीआई के कुछ प्रभावी अधिकारी भी विराट कोहली के सुर में सुर मिला रहे हैं और इस बार सौरभ गांगुली के लिए शास्त्री का विरोध करना मुश्किल लग रहा है। सचिन और लक्ष्मण दोनों ही इस बार गांगुली को शास्त्री के नाम पर सहमत होने की कोशिश में लग रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि इस बार सचिन तेंदुलकर की चलेगी और रवि शास्त्री के भारत के हेड कोच के लिए सहमति बनाने पर राजी हो जाएंगे।
कोई विदेशी भी बन सकता है टीम इंडिया का हेड कोच!
टीम इंडिया
- फोटो : ICC
बीसीसीआई द्वारा भारत के हेड कोच के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा कर 9 जुलाई करने से विनोद राय की अगुवाई वाली प्रशासकों की समिति (सीओए) खासी खफा है। सूत्रों की माने तो सीओए का यह सोचना यह तारीख केवल इसलिए बढ़ाई गई जिससे कि रवि शास्त्री इस पद के लिए आवेदन कर सके। बोर्ड की इस बाजीगिरी से स्थिति और उलझ गई है।
सीएसी इस विवाद से बचने के लिए किसी विदेशी का नाम भारत के हेड कोच के रूप में सुझा सकती है। इससे वह सीओए के साथ किसी तरह के विवाद से बच जाएगी। यदि किसी विदेशी को हेड कोच की बात आती है तो तब सबसे मजबूत दावा इसके लिए आवेदन करने वालों में ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी का है।
तो शास्त्री के लिए यहां फंस सकता है पेंच
विराट कोहली और रवि शास्त्री
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कहना है कि नए हेड कोच की नियुक्ति टीम इंडिया के अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले हो जाएगी। हेड कोच के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 9 जुलाई है। बोर्ड इससे अगले हफ्ते यानी करीब 16 जुलाई तक भारत के हेड कोच को चुन लेना चाहता है। रवि शास्त्री के चैंपियंस ट्रॉफी के बाद जुलाई के तीसरे हफ्ते तक लंदन में ही छुट्टियां मनाने की खबर है।
ऐसे में सीएसी जब इस पद के लिए इंटरव्यू लेगी तो तब शास्त्री केवल विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इंटरव्यू के लिए उपलब्ध होंगे। ऐसे में पिछली बार की तरह सीएसी के अहम सदस्य सौरभ गांगुली और शास्त्री के खिलाफ रहे तो उनके हेड कोच बनने के मामले में एक बार फिर पेंच सकता है।