भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट शनिवार से यहां उप्पल में राजीव गांधी स्टेडियम में शुरू हो रहा है। धोनी एंड कंपनी चेपक में पहला टेस्ट जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज है। भारतीय टीम यहां अपराजेय बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगी। लेकिन लगातार ओपनरों का फ्लाप होना टीम के लिए चिंता का सबब है।
ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि टीम प्रबंधन इस मैच में विनिंग कांबिनेशन पर दांव लगाता है या फिर टीम एक दो बदलाव के साथ मैदान में उतरती है। यहां खेले दो मैचों में भारत को एक में जीत मिली है जबकि एक मैच ड्रा रहा है। दोनों ही मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए। भारत यहां दो बार चार सौ के ऊपर रन बनाने में कामयाब भी रहा है। इस पिच पर उसका सर्वाधिक स्कोर 472 रन है।
वीरू के ब्लास्ट की उम्मीद
मुरली विजय और वीरेंद्र सहवाग दोनों ही चेन्नई में फ्लॉप रहे हैं। लगातार खराब फार्म से जूझ रहे सहवाग से बड़ी पारी की उम्मीद लंबे समय से की जा रही है। पिछले 21 टेस्ट में उनके नाम सिर्फ एक शतक हैं। हालांकि उप्पल के रिकॉर्ड उनके पक्ष में जाता है। दो मैचों में उनके नाम 197 रन हैं, जिनमें उनके दो पचासे शामिल हैं। इस पिच पर 96 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। कप्तान धोनी भी उन्हें बिठाने के पक्ष में नहीं हैं। पहले टेस्ट के बाद उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए थे कि विनिंग कांबिनेशन में ज्यादा बदलाव की गुंजाइश नहीं है।
मजबूती से खड़ा मध्यक्रम
सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और धोनी के फॉर्म में लौटने से मध्यक्रम मजबूती से खड़ा दिख रहा है। दोहरा शतक लगाने वाले धोनी से फिर एक धमाकेदार पारी की उम्मीद की जा रही है। चेतेश्वर पुजारा से अच्छी उम्मीद की जा सकती है। यहां एक टेस्ट में उनके नाम 159 रन है, जिसे उन्होंने 51.96 के स्ट्राइक रेट से बनाया था। पहले टेस्ट में जीत दर्ज करने वाली धोनी एंड कंपनी को आत्ममुग्धता से बचना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इंग्लैंड की तरह ऑस्ट्रेलियाई टीम भी सीरीज में पिछड़ने के बाद वापसी न कर पाए। धोनी इस समय फ्रंट फुट पर आकर टीम की अगुआई कर रहे हैं। यह किसी भी टीम के लिए अच्छी बात है।
रविंद्र की जगह प्रज्ञान
मेजबान टीम के लिए अच्छी बात यह है कि अश्विन इस समय बेतरीन फार्म में चल रहे हैं। चेन्नई में 12 विकेट झटकने का कारनामा कर चुके अश्विन इस पिच पर पहले भी 12 विकेट झटक चुके हैं। उनके अलावा प्रज्ञान ओझा और हरभजन सिंह का यहां रिकॉर्ड अच्छा है। प्रज्ञान ने यहां 2 मैचों में 9 विकेट और हरभजन एक मैच में पांच विकेट झटक चुके हैं। ऐसे में अगर कप्तान धोनी यहां तीन विशेषज्ञ स्पिनरों से उतरे कोई गुरेज नहीं है। ऐसा हुआ तो रविंद्र जडेजा को बाहर बिठाया जा सकता है। हालांकि चेन्नई में भज्जी और जडेजा दोनों की भूमिका भी अच्छी रही है।
पलटवार का इरादा
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम की पलटवार पर निगाहें होंगी। इसके लिए वे अपनी रणनीति पर विचार कर रहे होंगे कि हैदराबाद टेस्ट में दो स्पिनरों को उतारा जाए या नहीं। अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला करता है तो नाथन लियोन के साथ जेवियर डोहर्टी मैदान पर दिख सकते हैं। ऐसे में मिचेल स्टार्क और पीटर सिडल में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है क्योंकि जेम्स पैटिनसन इस समय टीम के सबसे सफल गेंदबाज हैं। बल्लेबाजी क्रम माइकल क्लार्क, शेन वाटसन, डेविड वार्नर, आलराउंडर मोएसिस हैनरिक्स, ओपनर एड कोवन और फिलिप ह्यूज की मौजूदगी से काफी संतुलित है।
:- एक टेस्ट जीत के साथ धोनी टेस्ट जीतने वाले देश के नंबर वन कप्तान बन जाएंगे।
:- भारत ने यहां 02 मैच खेले हैं, जिसमें उसने एक जीता और एक ड्रा रहा।
:- रन भारत का यहां सर्वाधिक स्कोर 472 रन है।